बर्थडे गर्ल रेखा के बारे में बातें जो आप कभी पसंद नहीं करेंगे
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। आज फिल्मी दुनिया से लेकर रेखा के चाहने वाले उनका जन्म दिन मना रहे हैं। पर अगर रेखा को आप एक सांसद के रूप में देखेंगे तो उनकी कई बातें हैं, जो आपको पसंद नहीं आयेंगी। जी हां उन बातों को पढ़ने के बाद आपको यही रेखा बतौर सांसद अपनी जिम्मेदारियों से भागती नजर आयेंगी।
किसी क्षेत्र विशेष में उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्यसभा में मनोनीत किए गए सेलेब्स सदन में मुश्किल से ही दिखाई दिए हैं। सदन में उपस्थिति के मामले में सेलेब्स सांसदों का रिकॉर्ड अकादमिक, सिविल सेवा, पत्रकारिता या विज्ञान जैसे क्षेत्रों से मनोनीत किए गए सांसदों की तुलना में बेहद खराब है। राज्यसभा के लिए 1999 से 2005 तक मनोनीत की गईं गायिका लता मंगेशकर हों या मशहूर दिवंगत पेंटर एमएफ हुसैन (1986-1992) या फिर सचिन या रेखा, सदन में एकाध बार ही पहुंच सके।
चलिये पढ़ते हैं रेखा से जुड़ी वो बातें जो आपको पसंद नहीं आयेंगी, लेकिन फिर भी आप शेयर करेंगे-
- सांसद बने 2 साल हो गये हैं लेकिन राज्यसभा में इस नामवर हिरोइन का प्रदर्शन बेहद घटिया ही रहा है।
- मेंबर ऑफ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलपमेंट (एमपीएलएडी) यानी सांसद निधि से उन्होंने अभी तक एक पैसा खर्च नहीं किया।
- संसद के प्रति उदासीनता दिखाने वाले सेलेब्रिटी सांसदों की सूची में रेखा टॉप पर हैं।
- अप्रैल 2012 से अब तक राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान रेखा मात्र सात बार उपस्थित रही हैं।
- केन्द्र में नई सरकार बनने के बाद से अब तक रेखा ने एक बार भी संसद सत्र में हिस्सा नहीं लिया है।
- रेखा जैसे सेलेब्स सांसदों का सदन को लेकर गंभीर न रहने का मामला संसद में भी उठने लगा है।
- पिछले हफ्ते आरजेडी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने ऐसे नॉमिनेशन पर भी सवाल भी खड़े किये।
- राज्यसभा सांसदों को अपनी पसंद का कोई जिला चुनने का अधिकार होता है। पर रेखा ने अब तक एक भी जिला नहीं चुना।
- एक जिले के लिये राज्यसभा सांसदों को प्रति वर्ष पांच करोड़ रुपए की राशि मिलती है।
- सोचिये अगर रेखा ने यूपी के बहराइच को ही चुन लिया होता तो आज कुछ तो हालात बेहतर हो सकते थे।
- रेखा ने विकास संबंधी किसी भी तरह का प्रस्ताव सरकार के पास नहीं भेजा है।
- रेख के सांसद निधि खाते में 10 करोड़ रुपए की पात्रता राशि अब भी जमा है।
- सांसदों को अपने क्षेत्र में विकास स्थल चिह्नित कर स्थानीय जिला मजिस्ट्रेट या उपायुक्त को एक प्रस्ताव भेजना होता है। लेकिन रेखा ने जिला ही नहीं चुना तो प्रस्ताव कहां से भेजतीं।
- अगर रेखा कोई जिला चुनतीं तो वो अपनी निधि से सड़क, स्कूल भवन, सामुदायिक हॉल, पानी पीने के टैंक स्थापित करने सहित बस स्टॉप का निर्माण कराने, आदि करवा सकती थीं।
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