Explainer:उत्तर में राहुल, दक्षिण में प्रियंका...2096 KM की दूरी के बीच भाई-बहन, जानें कांग्रेस का गेम प्लान?
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे इस बार सभी के लिए चौंकाने वाले रहे हैं। एक तरफ, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को मनमुताबिक सीटें नहीं मिलीं। 2019 के चुनाव के आंकड़ें से दूर सिर्फ 240 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। वहीं, कांग्रेस ने अपने पिछले चुनाव से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए 99 सीटें झटकीं।
हालांकि, बीजेपी ने एनडीए की बदौलत एक बार फिर मोदी सरकार का सपना पूरा किया। लेकिन, ऐसे में गांधी परिवार भी आगामी चुनावों में मजबूत तैयारी और टक्कर देने के संकेत दिए हैं। उत्तर से दक्षिण की दूरी साधने के लिए भाई राहुल और बहन प्रियंका की जोड़ी मैदान में है। आइए जानते हैं कैसे?

दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में दक्षिण की वायनाड सीट और उत्तर की रायबरेली सीट दोनों पर राहुल गांधी ने जीत दर्ज की। ऐसे में राहुल गांधी ने हिंदी भाषी सीट रायबरेली पर पारंपरिक महत्व को बरकरार रखते हुए वायनाड सीट छोड़ दी। अब इस सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रियंका गांधी को चुनावी रण में उतारा। ऐलान किया कि प्रियंका अपना पहला चुनाव केरल की वायनाड सीट से लड़ेंगी।
प्रियंका में सोनिया की झलक!
बात साल 1999 के लोकसभा चुनाव की है। जब सोनिया गांधी ने दक्षिण की कर्नाटक बेल्लारी सीट से नामांकन भरा था। यह चुनाव उनके राजनीतिक करियर के शुरुआती चरणों में से एक था। सोनिया गांधी ने उस समय बेल्लारी के अलावा उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से भी चुनाव लड़ा था। बेल्लारी में उनका मुकाबला सुषमा स्वराज से हुआ था, जो भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता थीं। ऐसा लगता है कि 25 साल पुराना इतिहास एक बार फिर खुद को दोहराने जा रहा है। जब दक्षिण की ही वायनाड सीट पर प्रियंका गांधी पहला चुनाव लड़ने जा रही हैं। दावा है कि वायनाड सीट पर कांग्रेस राहुल की कमी महसूस नहीं होने देगी। अगर, प्रियंका को जीत हासिल हुई तो, 2096 किमी की दूरी के बीच उत्तर और दक्षिण से पहली बार लोकसभा में भाई बहन होंगे।
वायनाड सीट कांग्रेस का गढ़
दक्षिण भारत की वायनाड सीट कांग्रेस के लिए सेफ जोन है। इसके कांग्रेस का गढ़ भी माना जाता है। क्योंकि, केरल में स्थित वायनाड लोकसभा सीट का गठन 2008 में हुआ था। वहीं, 2009 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में ही कांग्रेस ने अपना कब्जा जमा लिया था। इसके बाद, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने अपना कब्जा बरकरार रखा।
2019: दक्षिण में किस पार्टी ने झटकी कितनी सीटें
आंध्र प्रदेश :
- वाईएसआर कांग्रेस- 22
- टीडीपी- 3
कर्नाटक
- बीजेपी- 25
- कांग्रेस-1
- जनता दल (सेक्युलर)- 1
केरल
- कांग्रेस- 15
- आईयूएमएल- 3
- बीजेपी- 0
तमिलनाडु
- डीएमके- 23
- कांग्रेस- 8
- एआईएडीएमके- 1
तेलंगाना
- बीआरएस (पूर्व में टीआरएस) - 9
- कांग्रेस- 3
- बीजेपी- 4
2024: दक्षिण में किस पार्टी ने झटकी कितनी सीटें
आंध्र प्रदेश :
- वाईएसआर कांग्रेस- 15
- टीडीपी- 10
कर्नाटक
- बीजेपी- 18
- कांग्रेस-7
- जनता दल (सेक्युलर)- 3
केरल
- कांग्रेस- 14
- आईयूएमएल- 6
- बीजेपी- 1
तमिलनाडु
- डीएमके- 24
- बीजेपी - 3
- एआईएडीएमके- 7
तेलंगाना
- बीआरएस - 9
- आईएनसी- 6
- बीजेपी- 2












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