KBC में कंटेस्टेंट को फॉलो करनी पड़ती है ड्रेस कोड की गाइडलाइंस,सीजन 13 के पहले प्रतियोगी ज्ञान ने खोले राज

सीजन 13 के पहले प्रतियोगी ज्ञानराज से मुलाकात

नई दिल्ली, 30 अगस्त । पॉपुलर टीवी रियलिटी शो कौन बनेगा करोड़पति( Kaun Banega Crorepati) के 13वें सीजन की शुरुआत हो चुकी है। ज्ञान के भंडार से भरा ये शो नए रंग-रूप में एक बार फिर से दर्शकों को बीच पहुंच गया है। शो की शुरुआत धमाकेदार रही। इस बार शो के फॉर्मेंट में कई बदलाव किए गए हैं। शो के 13वें सीजन में सबसे पहले हॉटशीट पर पहुंचें झारखंड की राजधानी रांची के छोटे से गांव के ज्ञानराज ने वनइंडिया के खास बातचीत की और बताया कि KBC का सफर उनके लिए कैसा रहा.....

 Exclusive: KBC 13 first Contestant Gyanraj revealed about Dress Code Guideline in Kaun Banega Crorepati

ज्ञानराज के लिए रांची के छोटे से गांव ने केबीसी के हॉटशीट तक पहुंचना आसान नहीं रहा। ज्ञान बचपन से ही केबीसी के फैन रहें, वो टीवी पर इस शो को देखकर अक्सर सोचा करते थे कि क्या कभी उन्हें भी वहां हॉटशीट पर बैठने का मौका मिलेगा? कई बार कोशिश करने के बाद जब केबीसी का कॉल आया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पहले टेस्ट हुआ, मुंबई से आई केबीसी की टीम को ज्ञानराज की लाइफ स्टोरी पसंद आ गई और वो केबीसी के सेट पर पहुंच गए।

कोरोना महामारी को देखते हुए शो की क्रिएटिव टीम ने कई पाबंदियां लगाई थीं। कोरोना टेस्ट के बाद प्रतियोगियों को इंट्री मिली। केबीसी की टीम ने उन्हें सफेद और काला रंग छोड़ बाकी रंगों के करीब 20 सेट कपड़े लाने को कहा था। ज्ञान अपनी पसंद के रंगों के कपड़े लेकर मुंबई केबीसी के सेट पर पहुंचे थे, वो अपना लकी कलर ब्लू रंग की शर्ट पहनना चाहते थे, लेकिन केबीसी की टीम ने उन्हें नीला रंग के बजाए लाल रंग का शर्ट पहनने को कहा। ज्ञान ने इस बारे में हमसे बात करते हुए कहा कि शो की थीम, बाकी प्रतियोगियों के कपड़ों के रंग, सेट की लाइटिंग और बैंकग्राउंट को देखते हुए टीम ने उन्हें लाल रंग का शर्ट पहनने को कहा। शुरुआत में वो थोड़ा मायूस तो जरूर हुए, लेकिन जब टीवी पर खुद को लाल रंग की शर्ट में देखा तो खुश हो गए। उस रंग क साथ उनकी पर्सनैलिटी और खिल गई थी।

ज्ञान शुरुआत से ही ये टारगेट बनाकर चल रहे थे कि उन्हें शो के पहले एपिसोड में सबसे पहले हॉटशीट पर पहुंचना है। थोड़ा दवाब था, लेकिन उन्होंने कर दिखाया और KBC 13 के पहले प्रतियोगी बनें, हालांकि वो ज्यादा सवालों के जवाब नहीं दे सकें और मात्र 3,20,000 रुपए ही जीत सकें। ज्ञान ने बताया कि उन्हें अफसोस हैं कि वो आगे नहीं खेल पाएं, लेकिन खुश है कि इस रकम से उन्हें अपने सपने को पूरा करने में थोड़ी मदद मिल जाएगी।

ज्ञानराज केबीसी में जीती रकम का एक हिस्सा स्कूल पर खर्च करेंगे। उन छात्रों की पढ़ाई के लिए खर्च करेंगे, जो पैसों की तंगी की वजह से अपनी पढ़ाई को पूरा नहीं कर पाते हैं। वहीं उन्होंने केबीसी एकेडमी खोलने की भी बात कही है, जहां न केवल रांची बल्कि उसके बाहर के भी छात्र उनसे जुड़ सकेंगे। इसके अलावा ज्ञान अपनी एक क ऑटोबायोग्रफी लिखना चाहते हैं। 25 साल के ज्ञान के सपने बहुत हैं, जिन्हें वो धीर-धीरे पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। 12वीं में टॉपर रहे ज्ञान ने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की हैं। नौकरी के कई ऑफर मिले, इसरो स भी नौकरी का ऑफर आया, लेकिन ज्ञान ने सब छोड़कर गांव में बच्चों को पढ़ाने का फैसला किया। साधारण जीवन जीने वाले ज्ञान बच्चों को रोबोटिक्स साइंस सिखाते हैं, उनकी कोशिश है वो देश को कई वैज्ञानिक तैयार कर दें।पूरा इंटरव्यू देखने के लिए यहां क्लिक करें

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