'आप' के नक्शे कदम पर निकल पड़े मामा शिवराज सिंह चौहान

इस दौरान उन्होने भवन निर्माण के लिए दी जाने वाली अनुमति के संदर्भ में जानकारी हासिल की। दोनों ही दफ्तरों में मौजूद आम लोगों से शिवराज ने चर्चा कर उनकी बात सुनी। मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता जानने के लिए एक सड़क के बीच में खुदाई कराई। उन्होंने खुद सड़क में प्रयुक्त किए गए डामर के उपयोग को जानने की कोशिश की। पिछले दिनों उन्होंने विदिशा में सड़क निर्माण में गड़बड़ी पर तीन इंजीनियरों को निलंबित किया था।
शिवराज ने इस मौके पर बताया कि वे इन दफ्तरों में आकर यह जानना चाहते थे कि भवन निर्माण की स्वीकृति जो अमूमन 60 दिन में मिल जाती है, उसकी क्या स्थिति है। यहां आकर जब उन्होंने एक आवेदनकर्ता से फोन पर पूछा तो उसने बताया कि अनुमति 22 दिन में मिल गई। इस पर उन्होंने प्रसन्नता जताई।
शिवराज ने बताया कि नगर निवेश के दफ्तर में एक अधिकारी सिगरेट पीते मिला था, जिस पर दो सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि जिन दफ्तरों में वे गए थे, वहां के रिकार्ड देखे जा रहे हैं। अच्छा काम होने पर कर्मचारियों की पीठ थपथपाई जाएगी और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा अस्पतालों व परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह भी परिवहन विभाग के दफ्तरों का आकस्मिक निरीक्षण कर चुके हैं।












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