Election Year Ender 2024: किन-किन राज्यों में 2024 में हुए विधानसभा चुनाव? कहां-कहां जीती BJP?
Election Year Ender 2024: देश की राजनीति के लिए वर्ष 2024 बहुत अहम रहा। इस साल लोकसभा चुनाव के साथ कई राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए। कुछ राज्यों के चुनाव परिणामों ने सभी को खूब चौंकाया। राजनीतिक विशेषज्ञों की भविष्यवाणियां फेल हुईं, यहां तक कई राज्यों के चुनाव परिणाम एग्जिट पोल से बिलकुल उल्टे आए।
ये ऐसा साल रहा जब लोकसभा चुनाव परिणाम में कांग्रेस को सीटों में भारी बढ़त मिली और विधानसभा में कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। वहीं भाजपा की बात करें तो महाराष्ट्र, हरियाणा चुनाव में शानदार जीत हासिल की लेकिन चंद ऐसे राज्य थे जहां पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। तो आइए वर्ष 2024 को अलविदा करते हुए जानते हैं किन किन-किन राज्यों में 2024 में विधानसभा चुनाव हुए और क्या रहा चुनाव परिणाम?

सिक्किम विधानसभा चुनाव 2024
सिक्किम 32 सीटों वाला छोटा सा राज्य है। जहां पर अप्रैल 2024 में हुए चुनाव में प्रेम सिंह तमांग की सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) पार्टी ने 32 में से 31 सीटों पर जीत हासिल कर चौंका दिया था। वहीं सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) ने महज एक ही सीट जीत पाई थी। एसकेएम को 58.38 और एसडीएफ को 27.37 प्रतिशत वोट हासिल हुए।
अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2024
अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा का परचम लहराया। 60 विधानसभा सीटों वाले अरुणाचल प्रदेश में भाजपा ने 46 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं नेशनल पीपुल्स के खाते में महज पांच सीटें आई। नेशनल कांग्रेस पार्टी (NCP) को 3, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल को दो और कांग्रेस को महज एक सीट पर जीत मिली। तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।
आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव 2024
आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में 175 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए। सत्तारूढ़ वाईएसआर को टीडीपी-भाजपा-जनसेवा गठबंधन ने बुरी तरह हरा कर जगन मोहन रेड्डी का सत्ता में वापसी के अरमानों पर पानी फेर दिया। चुनाव से पहले जमानत से रिहा हुए दिग्गज नेता चंद्रबाबू नायडू ने इस ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री बनकर राज्य की सत्ता की बांगडोर संभाली। एनडीए गठबंधन में शामिल अकेले डीटीपी ने 135 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं उसकी सहयोगी जनसेवा पार्टी ने 21 सीटों पर और भाजपा ने आट सीटों पर जीती। विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस को 11 सीटों पर सिमट कर रही गई।
ओडिशा विधानसभा चुनाव 2024
ओडिशा में पहली बार बीजेपी ने अपने दम पर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई और नवीन पटनायक के 24 साल के शासन को खत्म कर दिया। यह राज्य में बीजेपी के मुख्यमंत्री की पहली जीत थी। बीजेपी को 78 सीटें मिलीं, जबकि बीजेडी को 51 सीटें मिलीं। ओडिशा में यह जीत राज्य के राजनीतिक में बड़ा तूफान साबित हुई जिसने नवीन पटनायक के सम्राज्य को उड़ा ले गया।
जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव
इस बीच, जम्मू और कश्मीर में, जम्मू क्षेत्र में भाजपा के प्रभावशाली प्रदर्शन के बावजूद, नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन विजयी हुआ। कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लगा, उसने फैसला किया कि इस बार सरकार से बाहर रहना ही बेहतर है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सरकार बनाने के लिए 42 सीटें जीतीं, भाजपा ने 29 सीटें हासिल कीं और कांग्रेस केवल छह सीटें जीतने में सफल रही। यह परिणाम क्षेत्र में एक जटिल राजनीतिक गतिशीलता को दर्शाता है, जिसमें विभिन्न दलों के लिए अलग-अलग समर्थन आधार हैं।
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024
हरियाणा में अप्रत्याशित घटनाक्रम में भाजपा ने अपनी हार के राजनीतिक विश्लेषकों के पूर्वानुमानों को झुठलाते हुए सत्ता बरकरार रखी। भाजपा ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सकी और 48 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 37 सीटें मिलीं। राज्य में भाजपा की संभावित हार के बारे में व्यापक अटकलों को देखते हुए इस परिणाम ने कई लोगों को चौंका दिया।
झारखंड विधानसभा चुनाव 2024
हेमंत सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को झारखंड में आश्चर्यजनक जीत दिलाई, इस चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। जेल से अपनी पार्टी को एकजुट करने वाले सोरेन का नेतृत्व भाजपा के लिए बहुत मजबूत साबित हुआ। JMM के नेतृत्व में, इंडिया ब्लॉक ने 56 सीटें जीतीं, जिसमें JMM ने खुद 34, कांग्रेस ने 16, आरजेडी ने चार और CPI-ML ने दो सीटें हासिल कीं। वहीं भाजपा ने 21, AJSU ने 1 और LJP-रामविलास ने 1 सीट जीती।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024
साल के अंत में नवंबर माह में हुए महाराष्ट्र विधान चुनाव नतीजों ने पूरे देश को अचंभित कर दिया। उम्मीदों के विपरीत, भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने विपक्षी कांग्रेस-एनसीपी (शरद पवार)-शिवसेना (यूबीटी) गठबंधन को हराकर सत्ता में वापसी की। भाजपा 288 में से 132 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना (शिंदे) को 57 सीटें मिलीं और एनसीपी ने 41 सीटें जीतकर महायुति को सरकार बनाने का मौका दिया। एमवीए गठबंधन के पास केवल 46 सीटें रह गईं।












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