देश में गठबंधन की राजनीति पर लगा ब्रेक, 30 साल बाद पूर्ण बहुमत की स्थिति

जनता ने जो फैसला दिया है वह न सिर्फ कांग्रेस ने स्वीकार कर लिया है बल्कि उन पार्टियों के मुंह पर शायद एक तमाचा है जो कभी धर्म तो कभी जाति के नाम पर वोट हासिल करने की उम्मीद रखते थे।
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शुक्रवार को सुबह से जब नतीजे आने शुरू हुए तो दोपहर तक यह साफ हो गया कि भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी को जनता ने बहुमत के लिए जरूरी 272 से ज्यादा के आंकड़ें से नवाजा है।
देश में 30 साल के बाद यह हालात हैं जब किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ है। वर्ष 1984 में जब इंदिरा गांधी की मौत के बाद देश में चुनाव हुए थे और इन चुनावों में कांग्रेस पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ था। उसके बाद से कभी भी किसी भी दल पूर्ण बहुमत नहीं मिला और देश में गठबंधन की राजनीति का दौर शुरू हुआ।
शुक्रवार को आए नतीजों के बाद जब बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलने की खबर मिली तो पांच साल तक के लिए राष्ट्रीय राजनीति में गठबंधन की राजनीति पर भी ब्रेक लगा।
यह आम चुनाव देश के लिए काफी अहम थे क्योंकि देश एक नाजुक मोड़ से गुजर रहा था और सभी को एक नेतृत्व की तलाश थी। नरेंद्र मोदी को जो वोट बैंक हासिल हुआ है वह कहीं न कहीं शायद उनके लिए भी एक चुनौती होगा। मोदी को जनता की ओर से जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, उस पर खरा उतरना होगा।
वहीं यह नतीजे कांग्रेस के लिए एक सबक भी साबित हुए हैं। कांग्रेस दहाई की संख्या पर सिमटती नजर आ रही है। यह चुनाव कांग्रेस के लिए अब तक की सबसे बड़ी हार भी लेकर आए हैं। साथ ही पार्टी के अंदर भी नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई है।












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