El Nino impact: खेती, ग्रामीण कमाई और महंगाई! मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने किस खतरे की ओर किया इशारा?

El Nino Impact on Indian Monsoon: मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंथा नागेश्वरन ने El Niño को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पहले El Niño के असर को Indian Ocean Dipole (IOD) काफी हद तक संतुलित कर देता था, लेकिन इस साल IOD कमजोर रहने का अनुमान है। ऐसे में खेती, ग्रामीण आय और खाद्य कीमतों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

हालांकि उन्होंने कहा कि अभी स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर El Niño क्या है, यह क्यों बनता है और भारत के लिए इसकी चिंता क्यों बढ़ जाती है? आइए आसान भाषा में समझते हैं।

El Nino impact on Indian monsoon

El Niño क्या है?

El Niño एक प्राकृतिक मौसमीय घटना है, जो प्रशांत महासागर में समुद्र के पानी के असामान्य रूप से गर्म होने पर बनती है। यह दुनिया के कई देशों के मौसम को प्रभावित करती है। जब El Niño सक्रिय होता है, तो बारिश, तापमान और हवाओं के पैटर्न में बदलाव देखने को मिलता है। भारत में इसका सीधा संबंध मानसून से माना जाता है। कई बार इसके कारण सामान्य से कम बारिश होती है, जिससे खेती और पानी की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।

ये भी पढे़ं: खतरनाक अल-नीनो की आहट! WMO ने दी चेतावनी, भारत के मौसम पर क्‍या होगा असर?

El Niño क्यों बनता है?

सामान्य स्थिति में प्रशांत महासागर के ऊपर चलने वाली ट्रेड विंड्स गर्म पानी को पश्चिमी हिस्से की ओर धकेलती हैं। लेकिन जब ये हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, तो गर्म पानी वापस मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर की तरफ फैलने लगता है। इससे समुद्र का तापमान बढ़ जाता है और मौसम का संतुलन बदलने लगता है। इसी स्थिति को El Niño कहा जाता है। यह पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है और आमतौर पर हर कुछ वर्षों में एक बार देखने को मिलती है।

CEA ने IOD को क्यों बताया अहम?

वी. अनंथा नागेश्वरन ने कहा कि केवल El Niño को देखकर असर का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। पहले कई बार Indian Ocean Dipole यानी IOD ने El Niño के नकारात्मक असर को कम करने में मदद की थी। IOD हिंद महासागर से जुड़ी मौसमीय स्थिति है। जब यह सकारात्मक और मजबूत होता है, तो भारत में अच्छी बारिश की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन इस साल IMD ने IOD के कमजोर रहने का अनुमान जताया है, जिससे चिंता बढ़ी हुई है।

खेती और ग्रामीण Economy पर क्या असर पड़ सकता है?

अगर El Niño की वजह से मानसून कमजोर रहता है, तो इसका सबसे बड़ा असर खेती पर पड़ सकता है। धान, दाल और अन्य फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों की आय कम होने का खतरा रहता है। जब ग्रामीण इलाकों में कमाई घटती है, तो खर्च भी कम होने लगता है। इसका असर FMCG, टू-व्हीलर और दूसरे कंज्यूमर सेक्टरों पर भी दिखाई दे सकता है। इसलिए आर्थिक विशेषज्ञ मानसून पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

क्या अभी चिंता करने की जरूरत है?

CEA का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मौसम से जुड़ी घटनाएं कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं और वास्तविक असर आने वाले महीनों में ही साफ होगा। अगर बारिश सामान्य रहती है तो El Niño का प्रभाव सीमित भी रह सकता है। लेकिन कमजोर IOD के कारण जोखिम बढ़ गया है। इसलिए सरकार, मौसम विभाग और आर्थिक विशेषज्ञ लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं। आने वाला मानसून ही तय करेगा कि असर कितना बड़ा होगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+