मोदी सरकार की नीतियों का असर, उत्तराखंड के लोगों को मिल रहा मुफ्त और बेहतर इलाज

हिमालय की तराई में स्थित उत्तराखंड अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है। उत्तराखंड दो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, फूलों की घाटी और नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के लिए भी जाना जाता है। सिर्फ देश से ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से पर्यटक और वनस्पति वैज्ञानिक यहां घूमने आते हैं।

यह प्रदेश अब स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। यह राज्य, अपनी स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करना और राज्य में स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाना है। इसी उद्देश्य से योग नगरी ऋषिकेश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बनाया गया है।

इस संस्थान ने न केवल क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाया है, बल्कि न्यू ट्रामा आईसीयू और स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की स्थापना के साथ-साथ दुर्घटना, स्नायुरोग और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित रोगियों के लिए उत्कृष्ट उपचार प्रदान किया जाता है।

स्वस्थ राष्ट्र ही समृद्ध अर्थव्यवस्था की नींव होता है। स्वस्थ आबादी कार्य का भार संभालने में ज़्यादा सक्षम होती है और देश को आगे बढ़ाने में मदद करती है। उत्तराखंड सरकार अपने लोगों के स्वास्थ्य और उनके जीवन को सेहतमंद बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का ध्यान लोगों की मौलिक आवश्यकताओं जैसे साफ पानी, स्वच्छता संबंधी सेवाएं और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है।

स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने के निरंतर प्रयास के कारण ही उत्तराखंड, यक्ष्मा (टीबी) के खिलाफ लड़ाई में 100 प्रतिशत टीबी मरीज़ों को कवर करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। राज्य में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की योजनाओं को लागू कर लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी लाभ पहुंचाया जा रहा है। केंद्र सरकार के 'मिशन इंद्रधनुश' के तहत उत्तराखंड में बच्चों और गर्भवती महिलाओं का नियमित तौर से टीकाकरण किया जा रहा है।

बता दें कि 'प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' दुनिया की सबसे बड़ी 'हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम' है। जिसका उद्देश्य देश के 10.74 करोड़ से अधिक गरीब और कमज़ोर परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में 5 लाख रुपये वार्षिक स्वास्थ्य कवर प्रदान करना है। इसी योजना का विस्तार उत्तराखंड अटल आयुष्मान योजना है, जिसका लाभ यहां के 23 लाख परिवारों को हो रहा है।

इसके अलावा NSSK यानी 'नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम' राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का एक हिस्सा है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य देश में शिशु मृत्यु दर को कम करना और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है। इस कार्यक्रम के तहत चिकित्सा कर्मियों को नवजात शिशुओं से संबंधित आपातकालीन समस्याएं और तत्काल चिकित्सा सहायता संबंधी प्रशिक्षण दिया जाता है। समाज के हर वर्ग को सस्ती कीमतों पर गुणवत्ता वाली दवाई मुहैया कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 'प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना' की शुरुआत की है। उत्तराखंड में सौ से भी ज़्यादा जनऔषधि केंद्र हैं, जिसका सीधा लाभ वहां के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों को हो रहा है।

उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है जहां के पेड़-पौधे और जीव-जंतुओं की संरचना बहुत विविध है। मानव स्वास्थ्य, पशु और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड के जैव विविधतापूर्ण क्षेत्रों में मानव, पशु और पर्यावरण के बीच संबंधों को समझने और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए 'One Health Pilot योजना' शुरू की गई है।

उत्तराखंड हर दृष्टिकोण से उन्नति कर रहा है। केंद्र सरकार की 'राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन' के साथ जुड़ कर यहा‍ँ मरीज़ों के हर दस्तावेज का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। मरीज़ों की सारी जानकारी को आधार कार्ड से लिंक किए जाने की योजना है।

उत्तराखंड तरक्की की राह में अग्रसर है। सरकार इस बात को जानती है कि अगर राज्य को समृद्ध बनाना है तो उसके लिए लोगों को स्वस्थ बनाना होगा। राज्य सरकार ने हर तरह की चुनौतियों का सामना करते हुए लोगों के स्वास्थ्य और विकास के लिए केंद्र की नीतीयों को अपनाया है और उनके सफल कार्यन्वयन के लिए हरसंभव प्रयास किया है।

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