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यूएई में दिख रहा 2000 रुपये के नोट बंद होने का असर, एक्सचेंज में आ रही मुश्किलें

2000 रुपये के नोट बदलने को लेकर लोगों को कहां और कितनी परेशानी आ रही है और अरविंद केजरीवाल को किस मामले में मिला ममता बनर्जी का साथ, पढ़िए आज के प्रेस रिव्यू में.

2000 रुपये के नोट
Sunil Ghosh/Hindustan Times via Getty Images
2000 रुपये के नोट

दिल्ली से छपने वाले सभी अख़बारों में आज सिविल सर्विसेस के नतीजे और इसमें टॉप चार में महिलाओं का आना सुर्खियों में है.

अख़बारों ने 2000 रुपये के नोट बदलने, संसद भवन के उद्घाटन समारोह में कुछ पार्टियों के न जाने के फ़ैसले और अरविंद केजरीवाल को मिले ममता बनर्जी के साथ की ख़बरों को भी प्रमुखता से छापा है.

आज के प्रेस रिव्यू में सबसे पहले जानते हैं 2000 रुपये के नोट बदलने में लोगों को कहां-कितनी परेशानी सामने आ रही है.

भारत सरकार के 2000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने के फ़ैसले का असर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में मौजूद करेंसी एक्सचेंज में दिख रहा है.

टेलीग्राफ़ में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, यूएई पहुंचने वाले भारतीयों को अब वहां रुपये के बदले रियाल और दिरहम लेने में परेशानी हो रही है.

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के फ़ैसले के बाद यहां के करेंसी एक्सचेंज अब 2000 रुपये के नोट लेने से इनकार कर रहे हैं.

पड़ताल में ये बात सामने आई है कि आधिकारिक रूप से यूएई सरकार ने इससे संबंधित कोई आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन डीलर 2000 रुपये के नोट स्वीकार करना नहीं चाहते.

दुबई के एक डीलर के हवाले से अख़बार ने लिखा, "हमारे लिए यूएई के कमर्शियल बैंकों में 2000 रुपये के नोट जमा करना मुश्किल है, इसलिए हम इन्हें स्वीकार नहीं कर रहे. 500 रुपये के नोट के साथ फ़िलहाल कोई समस्या नहीं है, लेकिन डीलर इसे लेने से भी बच रहे हैं क्योंकि 2000 रुपये के नोट के बंद होने की घोषणा के बाद भारतीय मुद्रा को लेकर भरोसा थोड़ा कम हुआ है."

अख़बार लिखता है कि यूएई के अलावा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट में मौजूद दुबई ड्यूटी फ़्री दुकानें भी अब ख़रीदारी के लिए 2000 रुपये का नोट नहीं ले रही हैं.

  • आरबीआई ने 19 मई को 2000 रुपये को नोट चलन से बाहर करने की घोषणा की.
  • बैंक ने कहा है कि ये नोट फ़िलहाल चलन में रहेंगे, लेकिन 30 सितंबर से पहले इन्हें बैंक या फिर एक्सचेंज में जमा करना होगा.
  • इससे पहले नवंबर, 2016 में मोदी सरकार ने 500 और 1000 रुपये के नोटों का चलन बंद करने का फ़ैसला लिया था.
  • कहा गया कि काले धन पर लगाम लगाने के लिए ये ज़रूरी है, लेकिन चलन में मौजूद 99.3 फ़ीसदी 500 और 1000 रुपये के वापस आ गए थे.

जनसत्ता ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि 23 मई को भारत में 2000 रुपये के नोट बदलने का पहला दिन था और इस दिन दिल्ली एनसीआर में अफ़रातफ़री का माहौल देखने को मिला.

अख़बार के अनुसार, कुछ लोगों ने शिकायत की कि बैंकों में नोट बदलने की बजाय उन्हें अपने खाते में जमा करने के लिए कहा गया.

कई जगह इसके लिए लोगों से पहचान पत्र भी मांगा गया जबकि अख़बारों में छपी रिपोर्ट के अनुसार इसकी ज़रूरत नहीं है.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पोस्ट ऑफ़िस में 2000 रुपये के नोट बदले नहीं जा सकते, हालांकि लोग उन्हें अपने खाते में जमा कर सकते हैं.

अमर उजाला ने लिखा है कि कुछ इसके लिए बैंक ग़ैर-खाताधारकों से पहचान पत्र मांग रहे हैं, लेकिन कुछ बैंकों में ये ज़रूरी नहीं है.

https://twitter.com/PIB_India/status/1661006247024558090

मोदी की अगुआई में विकास करेगा जम्मू कश्मीर- मनोज सिन्हा

इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर में जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि ये इलाक़ा बीते क़रीब तीन दशक से पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का दंश झेल रहा है, लेकिन केंद्र की विकास योजनाओं के कारण यहां अब आतंकवाद को फलने-फूलने का माहौल नहीं मिल रहा है.

श्रीनगर में हो रहे जी 20 देशों के सम्मेलन में मनोज सिन्हा ने कहा, "जम्मू कश्मीर में सभी धर्मों के लोग मिल-जुल कर रहा करते थे, लेकिन बीते 30 सालों से हमारे पड़ोसी के कारण ये प्रदेश सरकार समर्थित आतंकवाद की चपेट में रहा है."

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की अगुआई में प्रदेश नए दौर में प्रवेश कर रहा है, यहां विकास और शांति की असीमित संभावनाएं हैं.

उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक भी अब यहां निवेश करने के लिए सामने आ रहे हैं जिससे विकास की लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं.

https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/1660983510537060352

केजरीवाल को मिला ममता का साथ

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार के आए ऑर्डिनेंस का विरोध कर रही दिल्ली की आम आदमी पार्टी को अब इस मामले में पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस का साथ मिल गया है.

अख़बार लिखता है कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने अरविंद केजरीवाल से कहा है कि जब ये ऑर्डिनेंस संसद में पेश होने आएगा तो उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी.

अरविंद केजरीवाल इस मामले में विपक्षी पार्टियों का साथ चाहते हैं और इसके लिए उनसे बात कर रहे हैं. उनका कहना है कि केंद्र सरकार का ये ऑर्डिनेंस दिल्ली सरकार की प्रशासनिक ताकतों को कम करेगी.

लोकसभा में पार्टी के 22 सांसद हैं और यहां बीजेपी बहुमत में है. लेकिन मामला राज्यसभा में पलट सकता है जहां बहुमत विपक्षी पार्टियों के पास है.

अख़बार लिखता है कि सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस इस मामले में अब तक किसी नतीजे पर पहुंच नहीं पाई है. सोमवार को पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि पार्टी अभी इस पर विचार रही है.

वहीं इस सिलसिले में केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाक़ात करने वाले हैं.

ऑनलाइन गेमिंग
ARUN SANKAR/AFP via Getty Images
ऑनलाइन गेमिंग

ऑनलाइन गेमिंग पर टैक्स

दैनिक भास्कर में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने ऑनलाइन गेमिंग पर लगने वाले टीडीएस (स्रोत पर टैक्स कटौती) को लेकर सफ़ाई दी है.

बोर्ड ने कहा है कि ऑनलाइन गेमिंग में यूज़र के खाते में जमा बोनस या इन्सेन्टिव को शुद्ध जमा राशि माना जाएगा और इसे निकालने पर टीडीएस लगेगा. लेकिन अगर इसका इस्तेमाल केवल खेलने के लिए किया जा रहा है तो इस पर टीडीएस नहीं लगेगा.

इस साल एक अप्रैल से ऑनलाइन गेमिंग में टीडीएस के नियम लागू किए गए थे, जिसके अनुसार इसमें जीती गई धनराशि अब आयकर के तहत होगी.

खरीदारी
REUTERS/Anushree Fadnavis
खरीदारी

खरीदारी पर फ़ोन नंबर देना अनिवार्य नहीं

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि दुकानदार सामान खरीदने वालों से उनका फ़ोन नंबर नहीं मांग सकते. अगर ऐसा करने को लेकर शिकायत हुई तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई हो सकती है.

अमर उजाला में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार फ़ोन नंबर देना पहले भी अनिवार्य नहीं था, लेकिन कुछ दुकानदार इसे अनिवार्य प्रक्रिया का हिस्सा बताकर उपभोक्ताओं से उनके नंबर मांगते थे. इसके बाद उन नंबरों पर ग़ैर-ज़रूरी फ़ोन कॉल और मैसेज आने शुरू हो जाते थे.

अब मंत्रालय ने कहा है कि बिल भुगतान से पहले उपभोक्ता का फ़ोन नंबर मांगना अनुचित व्यापार प्रक्रिया की श्रेणी में आएगा. उपभोक्ता इसके ख़िलाफ़ लिखित में या फिर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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