EVM चैलेंज: AAP के आरोपों पर चुनाव आयोग ने फिर कहा- मदरबोर्ड में छेड़छाड़ की इजाजत नहीं
आम आदमी पार्टी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा है कि ईवीएम के मदरबोर्ड या फिर इसके इंटरनल सर्किट में लगी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में कोई बदलाव की इजाजत चुनाव आयोग ने कभी नहीं दिया।
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के उन आरोपों को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपने वादे से पीछे हट रहा है। चुनाव आयोग ने बयान जारी करते हुए कहा है कि हमने कभी ये नहीं कहा कि ईवीएम हैकेथॉन है। हमने हमेशा यही कहा कि ये ईवीएम हैकिंग चैलेंज है। चुनाव आयोग ने इसी के साथ एक बार फिर से साफ कर दिया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के मदरबोर्ड में कोई छेड़छाड़ की इजाजत नहीं दी जा सकती है।

3 जून से शुरू होगा ईवीएम चैलेंज
आम आदमी पार्टी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा है कि ईवीएम के मदरबोर्ड या फिर इसके इंटरनल सर्किट में लगी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में कोई बदलाव की इजाजत चुनाव आयोग ने कभी नहीं दिया। अगर इसमें छेड़छाड़ की जाती है तो पूरी ईवीएम मशीन नई डिवाइस की तरह काम करेगी। ऐसे में चुनाव आयोग ईवीएम के मदरबोर्ड में छेड़छाड़ के बाद कैसे कह सकेगी कि चुनाव में ये मशीन ठीक ढंग से काम कर रही है। ऐसे में चुनाव आयोग ने साफ किया की ईवीएम उन्हीं नियमों के मुताबिक होगा जो सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आते हैं, साथ ही जिन्हें एडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी के जरिए तय किया गया है।
चुनाव आयोग की ओर से ईवीएम छेड़छाड़ चैलेंज की शुरूआत 3 जून से होगी। आम आदमी पार्टी समेत कई प्रमुख दलों ने ईवीएम में छेड़छाड़ की शिकायत की थी। जिसके बाद चुनाव आयोग ने सर्वदलीय बैठक के बाद ईवीएम चैलेंज का आयोजन करने का ऐलान किया। इस चैलेंज में सभी पार्टियों को नुमाइंदगी के लिए तय समय दिया गया। हालांकि चुनाव आयोग के इस चैलेंज को एनसीपी और सीपीएम ने ही स्वीकार किया है। आम आदमी पार्टी समेत अन्य पार्टियों ने इस ईवीएम चैलेंज में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने ईवीएम चैलेंज में हिस्सा नहीं लेकर चुनाव आयोग पर वादे से मुकरने का आरोप लगाया। इसी के जवाब में चुनाव आयोग ने अपना पक्ष रखा।












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