QTRC: क्वांटम टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर भारत की बड़ी छलांग, DRDO ने शुरू किया नया रिसर्च सेंटर
भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने नई ऊंचाइयों को छूते हुए देश में क्वांटम टेक्नोलॉजी के फील्ड में एक अल्ट्रा मॉडर्न रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया है। यह सेंटर मेटकैल्फ हाउस, नई दिल्ली में स्थापित किया गया है और इसका उद्देश्य भारत की स्वदेशी क्वांटम क्षमताओं को मजबूत बनाना है, खासकर रणनीतिक और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए।
इस नए रिसर्च सेंटर में अत्याधुनिक तकनीकी और प्रयोगात्मक सेटअप लगाए गए हैं, जो क्वांटम साइंस के मुश्किल फील्ड में रिसर्च और डेवलपमेंट को नई रफ्तार देंगे। DRDO के सचिव और अध्यक्ष, समीर वी कामत ने इस सुविधा का उद्घाटन किया, जो देश की सुरक्षा और रणनीति के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

क्वांटम रिसर्च को मिलेगा हाई-टेक सपोर्ट
यह रिसर्च सेंटर अल्ट्रा मॉडर्न एक्सपेरिमेंटल सेटअप्स से लैस है, जो भारत में क्वांटम टेक्नोलॉजी से जुड़ी रिसर्च और डेवलपमेंट को तेजी से बढ़ाने में मदद करेगा। यहां क्वांटम फिजिक्स के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहराई से काम किया जाएगा, जिससे देश की डिफेंस टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन सिस्टम्स को अत्याधुनिक बनाया जा सकेगा।
सेंटर की प्रमुख तकनीकी क्षमताएं
इस रिसर्च सेंटर की मुख्य तकनीकी विशेषताओं में शामिल हैं:
- लेजर तकनीक की गहराई से जांच: वर्टिकल-कैविटी सर्फेस-एमिटिंग (Vertical-Cavity Surface-Emitting) और डिस्ट्रीब्यूटेड फीडबैक लेज़र्स (Distributed Feedback Lasers) का विश्लेषण किया जाएगा।
- सिंगल फोटॉन स्रोतों के लिए टेस्ट-बेड विकसित किया जाएगा, जो क्वांटम संचार में अत्यंत आवश्यक हैं
- माइक्रो-फैब्रिकेटेड अल्कली वेपर सेल की संरचनाओं का परीक्षण और विश्लेषण किया जाएगा।
- क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (Quantum Key Distribution - QKD) तकनीकों का विकास, जिससे अल्ट्रा-सिक्योर कम्युनिकेशन संभव होगा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा।
इन सभी महत्वपूर्ण पहलों का नेतृत्व DRDO की साइंटिफिक एनालिसिस ग्रुप (Scientific Analysis Group) कर रही है, जो क्वांटम सुरक्षा और संचार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है।
यह सेंटर सॉलिड स्टेट फिजिक्स लैबोरेटरी (Solid State Physics Laboratory) के नेतृत्व में काम करता है और कई बुनियादी तकनीकों पर भी ध्यान केंद्रित करता है, जिनमें शामिल हैं:
- एक अल्ट्रा-स्मॉल एटॉमिक क्लॉक, जो अत्यंत सटीक समय मापन के लिए काम आता है, खासकर उन जगहों पर जहां ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) काम नहीं करता।
- ऑप्टिकल पंपिंग तकनीक पर आधारित एटॉमिक मैग्नेटोमीटर, जो अत्यंत संवेदनशील मैग्नेटिक फील्ड डिटेक्शन करता है।
- अत्याधुनिक सॉलिड-स्टेट क्वांटम डिवाइसेस और सामग्री।
क्वांटम टेक्नोलॉजी क्या है?
क्वांटम टेक्नोलॉजी क्वांटम मैकेनिक्स के सिद्धांतों पर आधारित एक नई तकनीक है, जो माइक्रो-पार्टिकल्स की अनोखी विशेषताओं का उपयोग करती है। यह तकनीक कंप्यूटिंग, कम्युनिकेशन, सेंसिंग, और क्रिप्टोग्राफी जैसे फील्ड में पारंपरिक तकनीकों से कहीं अधिक तेज और सुरक्षित समाधानों का विकास करती है।
खासकर राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन जैसी तकनीकें बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे अत्यधिक सुरक्षित डेटा ट्रांसमिशन सुनिश्चित करती हैं, जो कि भविष्य की साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी है। इस तरह DRDO का यह नया क्वांटम टेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर भारत को क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और रणनीतिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग है।












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