ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए DRDO और एयर इंडिया ने मिलाया हाथ, कई देशों से लाया जा रहा जियोलाइट
नई दिल्ली, 15 मई: देश में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) भी तेजी से काम कर रहा है। मौजूदा वक्त में केंद्र सरकार ने उसे कई बड़े अस्पतालों और राज्यों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम सौंपा है, जिसके लिए बड़ी संख्या में जियोलाइट की जरूरत पड़ेगी। जिसे विदेशों से आयात करना है। इसके लिए अब डीआरडीओ ने नेशनल कैरियर एयर इंडिया से हाथ मिलाया है। दोनों मिलकर जियोलाइट विदेशों से लाने का काम करेंगे।

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि भारत सरकार देश में ऑक्सीजन आपूर्ति को बढ़ाने के लिए जगह-जगह पीएसए प्लांट लगा रही है। जिसके लिए विदेशों से काफी सामान आने हैं, जिसमें जियोलाइट प्रमुख है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने डीआरडीओ की मदद के लिए एयर इंडिया से कहा है। ऐसे में एयर इंडिया के विमान कई देशों से पीएसए से जुड़े संयंत्रों को लाएंगे।
प्रवक्ता के मुताबिक एयर इंडिया के दो विमानों ने जियोलाइट के साथ रोम से उड़ान भरी है, जो शनिवार को बेंगलुरु पहुंचेंगे। इन विमानों में 35 टन जियोलाइट है। इसके अलावा 15 से 18 मई के बीच 7 चार्टर उड़ाने शेड्यूल की गई हैं। फिर 19 से 22 मई के बीच कोरिया से 8 चार्टर विमान उड़ान भरेंगे। वहीं एक्सपर्ट के मुताबिक जियोलाइट बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन उत्पादन की प्रक्रिया में एक प्रमुख घटक है। इसका उपयोग व्यापक रूप से मेडिकल-ग्रेड ऑक्सीजन का उत्पादन करने के लिए किया जाता है। ये हवा में व्याप्त अशु्द्धियां, जैसे नाइट्रोजन आदि को सोख लेता है। इसके बाद शुद्ध ऑक्सीजन का उत्पादन प्लांट द्वारा किया जाता है।












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