Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कलम को सम्मान: डॉ. शालिनी मलिक को ‘The Way Home’ के लिए मिला पहला IGF आर्चर-अमीश पुरस्कार

IGF Archer Amish Award 2025: ब्रिटेन की राजधानी लंदन के प्रतिष्ठित Queen Elizabeth II Centre में उस शाम एक अनूठा ऐहसास देखने को मिला जब भारतीय लेखिका डॉ. शालिनी मलिक को पहले IGF आर्चर-अमीश पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार न केवल साहित्यिक योगदान के लिए उनकी कमल का सम्मान था, बल्कि भारतीय कथा-साहित्य को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई दिशा देने में एक ऐतिहासिक कदम भी साबित हुआ।

शालिनी मलिक को उनकी किताब 'The Way Home' को 18 जून को लंदन में सम्मानित किया गया। यह एक ऐसा उपन्यास है जो शोक, पहचान और सेल्फ ऑब्जर्वेशन, ट्रीटमेंट जैसे मुद्दों को अत्यंत भावनात्मक और सहजता से पाठकों तक पहुंचाता है।

dr-shalini-mullick-wins-1st-igf-archer-amish-award

इस उपन्यास की कहानी तीन युवा मिलेनियल्स की है, जो गोवा में अपने व्यक्तिगत आंतरिक संघर्षों से जूझते हुए दोस्ती और Self-discovery के रास्ते पर चलते हैं।

साहित्य की गरिमा और वैश्विक पहचान

इस पुरस्कार के तहत डॉ. मलिक को 25,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹20.8 लाख) की पुरस्कार राशि मिली - जो वैश्विक कथा-साहित्य में सबसे बड़ी नकद पुरस्कारों में से एक मानी जाती है। यह सम्मान उन्हें IGF लंदन 2025 के पहले दिन आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह में प्रदान किया गया।

पुरस्कार प्रदान करते हुए यूके की संस्कृति, मीडिया और खेल मंत्री, लिसा नैंडी ने कहा, "आज की दुनिया ध्रुवीकरण की ओर बढ़ रही है। ऐसे समय में, देशों के बीच people-to-people संबंध ही वो पुल बन सकते हैं जो हमें जोड़ें। यही वह भावना है जिसे प्रधानमंत्री मोदी और पीएम कीर स्टारमर साझा करते हैं। एक ऐसा नेतृत्व जो बाधाओं को पार कर सांस्कृतिक मेल को बढ़ावा देता है।"

IGF आर्चर-अमीश पुरस्कार: साहित्य की नई दिशा

यह पुरस्कार India Global Forum (IGF) द्वारा शुरू किया गया है और इसे The House of Abhinandan Lodha का सहयोग प्राप्त है। यह पुरस्कार उन समकालीन भारतीय लेखकों को सम्मानित करता है जिनकी रचनाएं भारत की विविधता, जटिलता और गतिशीलता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

IGF के संस्थापक और अध्यक्ष मनोज लाडवा ने कहा, "हम हमेशा मानते रहे हैं कि विचारों में दुनिया को जोड़ने की शक्ति होती है, और हर महान विचार के मूल में होती है - एक कहानी। यही वह सोच है जिसके आधार पर हमने यह पुरस्कार शुरू किया। भारत की अनकही कहानियों को वैश्विक मंच देना हमारा उद्देश्य है।"

जब कहानीकारों को मिला मंच...

इस समारोह में प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय लेखक लॉर्ड जेफ़्री आर्चर और भारतीय बेस्टसेलर लेखक अमीश त्रिपाठी की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया। दोनों ही इस पुरस्कार के नाम से जुड़े हैं और इस पहल के प्रेरणास्रोत भी। इस खास मौके पर जेफ़्री आर्चर ने कहा, "लेखकों की सबसे बड़ी समस्या ये है कि कहानीकारों को पुरस्कार नहीं मिलते। पर सोचिए, कितने नोबेल पुरस्कार विजेताओं के बारे में आपने सुना है और कितनों को पढ़ा है? लोग कहानीकारों को पढ़ते हैं।"

वहीं अमीश त्रिपाठी ने कहा कि एक कहानीकार की सबसे अहम जिम्मेदारी होती है लोगों का ध्यान खींचना और बनाए रखना। स्टीव जॉब्स ने भी कहा था कि इस दुनिया का सबसे ताकतवर पेशा है एक कहानी कहना। और सिर्फ लेखक ही नहीं, पाठक भी अच्छे कहानीकार होते हैं।"

भारत की सांस्कृतिक आत्मा को नया आधार

अबिनंदन लोधा, The House of Abhinandan Lodha के संस्थापक ने कहा कि "हम जमीन सिर्फ उसकी आर्थिक कीमत पर नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति और आत्मा के आधार पर चुनते हैं। यही सोच इस अवॉर्ड के पीछे भी है - भारत की असली दौलत उसकी कहानियों में है। यह पुरस्कार उस विरासत को संजोने और आगे बढ़ाने का एक प्रयास है।"

IGF Archer Amish Award 2025 के फाइनलिस्ट्स

  • नित्या नीलकंठन - Navapashanam - The Quest for the Nine Magical Poisons
  • योगेश पांडे - The Kill Switch
  • डॉ. शालिनी मुल्लिक - The Way Home (विजेता)

IGF लंदन 2025: भारत-यूके साझेदारी का नया दौर

IGF लंदन 2025 न केवल एक साहित्यिक मंथन का मंच था, बल्कि यह आयोजन भारत और ब्रिटेन के रिश्तों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर भी साबित हुआ। प्रधानमंत्री मोदी की 2015 की ऐतिहासिक यात्रा की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित यह समारोह अब तक की सबसे बड़ी द्विपक्षीय उपलब्धियों में से एक - Free Trade Agreement (FTA) - की भी औपचारिक पुष्टि का पहला अंतरराष्ट्रीय मंच बना। 1000 से अधिक प्रतिभागी, और लंदन के कई जगहों पर फैला यह आयोजन, तकनीक, व्यापार, निवेश, संस्कृति और कूटनीति जैसे विषयों पर केंद्रित था।

Dr Shalini Mullick की कहानी ही है शक्ति

डॉ. शालिनी मलिक की जीत सिर्फ एक लेखिका की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य की वैश्विक मान्यता का प्रतीक है। IGF आर्चर-अमीश पुरस्कार ने यह साबित कर दिया है कि आज की दुनिया में कहानी कहना एक सॉफ्ट पावर नहीं, बल्कि एक सुपरपावर है - जो राष्ट्रों को जोड़ सकती है, संस्कृतियों को गहरा बना सकती है और इतिहास को दिशा दे सकती है। और यही वजह है कि "The Way Home" अब सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि भारत की नई साहित्यिक दिशा की प्रतीक बन चुकी है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+