राहत की खबर: 24 फरवरी तक नहीं बढ़ेगा डोमेस्टिक फ्लाइट का किराया

राहत की खबर: 24 फरवरी तक नहीं बढ़ेगा डोमेस्टिक फ्लाइट का किराया

नई दिल्‍ली। केन्‍द्र सरकार ने घरेलू हवाई यात्रा फ्लाइट के किराए को लेकर बड़ा ऐलान किया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry)ने कहा कि घरेलू उड़ानों के लिए किराया 24 फरवरी, 2021 तक परिवर्तन नहीं किया जाएगा यानी कि किराया बढ़ाया नहीं जाएगा। घरेलू विमानों के लिए यात्रा किराया सीमा (Fare Bands) की अवधि को 24 फरवरी तक बढ़ा दी गई है। मंत्रालय ने ये फैसला इसलिए किया है क्योंकि लॉक डाउन के बाद शुरू की गई घरेलू विमान सेवा में एयरलाइन्स कंपनियां (Airlines companies) यात्रियों से मनामाफिक किराया न वसूले।

आने वाले दिनों में और अधिक उड़ानों की अनुमति दी जाएगी

आने वाले दिनों में और अधिक उड़ानों की अनुमति दी जाएगी

बता दें ने 21 मई को इस फेयर बैंड्स का ऐलान किया था। केंद्र के अनुसार घरेलू उड़ानों के किराया अपरिवर्तित रखे गए हैं, आने वाले दिनों में और अधिक उड़ानों की अनुमति दी जाएगी। मंत्रालय की प्रतिदिन निगरानी- सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने कहा है कि वह प्रतिदिन के आधार पर एयर ट्रैफिक की निगरानी कर रहा है आने वाले त्‍योहारी सीजन में यात्रियों की संख्‍या बढ़ने की संभावना है इसलिए आने वाले समय में अपर फेयर कैप यानी ऊपरी सीमा को नार्मल कैपेसिटी का 70-75% तक बढ़ोत्‍तरी की जा सकती है।

जानिए क्या हैं सात बैंड?

जानिए क्या हैं सात बैंड?

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने घरेलू विमान किराए पर कैप की घोषणा के बाद विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने घरेलू उड़ानों के लिए सात फेरों की घोषणा की। ये किराया बैंड 21 मई, 2020 से लागू हो गए। ये सात किराया बैंड समय-आधारित हैं। पहले बैंड में वो उड़ानें आती हैं जिनके उड़ान की समयावधि 40 मिनट से कम होती है और इनके किराए की विशेष निम्न और उच्च सीमाएं हैं। किराए की उच्च सीमा के दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवें बैंड में क्रमश: 40-60 मिनट, 60-90 मिनट, 90-120 मिनट और 120-150 मिनट की अवधि वाली उड़ानें शामिल होती है। वहीं छठे और सातवें बैंड में 150-180 मिनट और 180-210 मिनट की अवधि वाली उड़ानें शामिल होती हैं।

जानिए क्या तय किया गया है किराया

जानिए क्या तय किया गया है किराया

डीजीसीए द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, सेक्टर ए का न्यूनतम किराया 2,000 रुपये और अधिकतम किराया कैप 6,000 रुपये है। सेक्टर बी में न्यूनतम किराया 2,500 रुपये और अधिकतम किराया 7,500 रुपये है। सेक्टर सी का न्यूनतम किराया 3,000 रुपये और अधिकतम किराया 9,000 रुपये है। सेक्टर डी का न्यूनतम किराया 3,500 रुपये और अधिकतम किराया कैप 10,000 रुपये है। सेक्टर ई का न्यूनतम किराया 4,500 रुपये और अधिकतम किराया कैप 13,000 रुपये है। सेक्टर एफ का न्यूनतम किराया 5,500 रुपये और अधिकतम किराया कैप 15,700 रुपये है। सेक्टर G का न्यूनतम किराया 6,500 रुपये और अधिकतम किराया कैप 18,600 रुपये है।

नवंबर माह के पहले दिन से ही फ्लाइट में बढ़ गई यात्रियों की संख्‍या

नवंबर माह के पहले दिन से ही फ्लाइट में बढ़ गई यात्रियों की संख्‍या

बता दें फ्लाइन में डेली पैसेंजर ट्रैफिक यानी कि एक दिन में यात्रा करने वालों की संख्‍या 1 नवंबर, 2020 को 2.05 लाख तक पहुंच गई है। मई में शुरू किए गए डोमेस्टिक फ्लाइट सर्विस के लिए एयरलाइन्स कंपनियां अपनी क्षमता का 33 फीसदी के साथ उड़ान सेवा दे रही थी. उस समय रोजाना औसतन 30000 यात्री ही हवाई यात्रा कर रहे थे। वर्तमान में यह आंकड़ा 2.05 लाख को पार कर गया है। 26 जून, 2020 से इस कैप को 45 प्रतिशत तक बढ़ाया गया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा 2 सितंबर, 2020 से इस कैप को और संशोधित कर 60 प्रतिशत कर दिया गया। वर्तमान में, एयरलाइन अपनी क्षमता का 60 प्रतिशत तक परिचालन कर सकती हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वह हर दिन यातायात की निगरानी कर रहा है, और यह उम्मीद की गई थी कि त्यौहारी सीज़न के कारण यातायात आगे बढ़ेगा और जैसे-जैसे यात्री यातायात बढ़ेगा, पर फेयर कैप यानी ऊपरी सीमा को नार्मल कैपेसिटी का 70-75% तक बढ़ोत्‍तरी की जा सकती है।

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