Doklam में ड्रैगन के 1,800 सैनिक मौजूद, मीटिंग से पहले कहा- भारत के साथ संबंध महत्वपूर्ण
डोकलाम में भले ही एक बार फिर तनाव उभरा है लेकिन सोमवार को हुई नई दिल्ली में एक बैठक में भारत और चीन ने आपसी संबंधों को महत्वपूर्ण करार दिया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि चीन और भारत ने मिलकर जिस तरह से डोकलाम विवाद को खत्म किया है

नई दिल्ली। डोकलाम में भले ही एक बार फिर तनाव उभरा है लेकिन सोमवार को हुई नई दिल्ली में एक बैठक में भारत और चीन ने आपसी संबंधों को महत्वपूर्ण करार दिया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि चीन और भारत ने मिलकर जिस तरह से डोकलाम विवाद को खत्म किया है, उससे ऐसा लगता है कि दोनों देशों के बीच मधुर संबंध है। फिलहाल सुषमा स्वराज के साथ रूस और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच अहम मुलाकात हो रही है।
वांग ने नई दिल्ली में कहा कि चीन हमेशा से पड़ोसियों के साथ बेहतर संबंधों को महत्व देता रहा है। दोनों बड़े पड़ोसी देश हैं और दोनों की प्राचीन सभ्यताएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत-चीन के संबंधों का रणनीतिक महत्व इतना है कि मामूली टकराव उसमें किसी तरह की बाधा नहीं बनते। पिछले सप्ताह एक कार्यक्रम में वांग यी ने कहा, 'डोकलाम इलाके में दोनों देशों के बीच तनाव को कूटनीतिक तरीके से निपटाने में सफलता हासिल की गई है।'
इससे पहले भारतीय मीडिया के मुताबिक, एक बार फिर से विवादित स्थल पर चीन के 1600-1800 चीनी सैनिकों ने डेरा जमा दिया है और सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक चीनी सैनिकों ने दोबारा से भूटान-तिब्बत ट्राइजंक्शन पर डेरा डाला हुआ है, वहां की सड़कों को चुस्त-दुरूस्त किया जा रहा है और ये ही नहीं चीनी सैनिक वहां दो हैलीपैड भी बना रहे हैं। हालांकि, चीन ने ऐसी कोई भी दावे को इनकार किया है।












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