वैक्सीन लगवाने के बाद भूल कर भी न करें ये गलती, मुसीबत में पड़ सकते हैं

नई दिल्ली, 26 मई: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन लगवाने वालों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने लोगों को सचेत किया है कि उत्साह में आकर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट सोशल मीडिया पर शेयर न करें। सरकार ने इसकी वजह भी बताई है। दरअसल, यह देखने में आया है कि वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के बाद से ही उत्साहित लोग सोशल मीडिया पर अपनी वैक्सीन डोज लगवाने वाली तस्वीरें तो साझा कर ही रहे हैं, वो धड़ल्ले से वैक्सीन सर्टिफिकेट भी सार्वजनिक कर दे रहे हैं। गृह मंत्रालय ने अपनी यह एडवाइजरी अपने साइबर दोस्त ट्विटर हैंडल के जरिए जारी किए हैं और संभावित धोखाधड़ी के खतरे के प्रति आगाह किया है।

वैक्सीन सर्टिफिकेट सोशल मीडिया पर ना डालें- सरकार

वैक्सीन सर्टिफिकेट सोशल मीडिया पर ना डालें- सरकार

गृह मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में साफ शब्दों में लिखा है- सोशल मीडिया पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट साझा करने को लेकर सावधान रहें! दरअसल, वैक्सीन की किल्लत के बीच इसकी डोज लगवाने के उत्साह को समझा जा सकता है, लेकिन अगर आप इसे सोशल मीडिया पर डालने की सोच रहे हैं तो आपका यह कदम आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। हो यह रहा है कि वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद ही लोग अपना वैक्सीन सर्टिफिकेट बिना सोचे-समझे सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं, जबकि उन्हें मालूम होना चाहिए कि उसमें उन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी भी होती है, जो सार्वजनिक करने से उन्हें नुकसान होने का खतरा है। यही वजह है कि लोगों को आगाह करने के लिए गृह मंत्रालय ने यह चेतावनी जारी की है।

वैक्सीन सर्टिफिकेट सार्वजनिक करने से मुसीबत में पड़ सकते हैं

वैक्सीन सर्टिफिकेट सार्वजनिक करने से मुसीबत में पड़ सकते हैं

गृहमंत्रालय ने साइबर दोस्त हैंडल से ट्वीट किया है, 'सोशल मीडिया पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट साझा करने को लेकर सावधान रहें....क्योंकि, 1-कोविड-19 वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर आपका नाम और दूसरी निजी जानकारी मौजूद है। 2-सोशल मीडिया पर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट शेयर करने से बचें, क्योंकि साइबर धोखेबाज आपको धोखा देने के लिए इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।.....जागरूक रहें और साइबर सुरक्षित रहें।' प्रक्रिया ये है कि आप जब कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाते हैं, उसके कुछ ही समय बाद सरकार आपको एक सर्टिफिकेट जारी करती है कि आपने पहली डोज लगा ली है। इसमें वैक्सीन लगाने की तारीख, समय, स्थान, वैक्सीन देने वाले का नाम और वैक्सीन की ब्रांड का नाम भी शामिल होता है। यही नहीं इसमें दूसरी डोज की तारीख भी दी होती है। हालांकि, पहली डोज के बाद सरकार जो सर्टिफिकेट जारी करती है वह प्रॉविजिनल होती है। फाइनल सर्टिफिकेट तब जारी होता है, जब दोनों डोज लग जाती है।

वैक्सीन सर्टिफिकेट क्यों महत्वपूर्ण है?

वैक्सीन सर्टिफिकेट क्यों महत्वपूर्ण है?

आने वाले वक्त में वैक्सीन सर्टिफिकेट आपके आधार और पासपोर्ट की तरह ही एक महत्वपूर्ण दस्तावेत साबित होने वाला है। आजकल वैक्सीन पासपोर्ट को लेकर खूब चर्चा हो रही है। यानी विदेश यात्रा पर जाने के लिए आपको इसकी सख्त आवश्यकता पड़ सकती है। यही नहीं देश के अंदर भी जैसे कई राज्य बीच-बीच में निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट मांगते हैं, उसकी जगह वैक्सीन सर्टिफिकेट ही कारगकर हथियार साबित होने वाला है।

वैक्सीन सर्टिफिकेट कैसे प्राप्त करें ?

वैक्सीन सर्टिफिकेट कैसे प्राप्त करें ?

इस सर्टिफिकेट को प्राप्त करने की प्रक्रिया बहुत ही आसान है। जैसे ही आपको वैक्सीन लगती है तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए एक लिंक मिलता है। उस लिंक पर क्लिक करके और बाकी जानकारी फीड करने के बाद आप अपना वैक्सीन सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा आप कोविड पोर्टल, आरोग्य सेतु और उमंग ऐप पर भी मांगी गई जानकारी देकर इसे प्राप्त कर सकते हैं।

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