डीएमके का आम चुनाव में कांग्रेस-भाजपा से गठबंधन से इनकार

डीएमके के इस फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व को ऐसी स्थिति पैदा होने की चेतावनी दी थी। कांग्रेस ने दावा किया है कि इस कदम से डीएमके को कोई फायदा नहीं होने जा रहा है। डीएमके वर्ष 2004 से मार्च 2013 तक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) का सदस्य रहा।
डीएमके राज्य की ऐसी दूसरी पार्टी पार्टी है जिसने कांग्रेस या भाजपा के साथ 2014 के आम चुनाव में गठबंधन नहीं करने की घोषणा की है। इससे पहले सत्ताधारी एआईएडीएमके ने कहा था कि वह इन दोनों दलों के साथ गठजोड़ नहीं करेगी और अकेले चुनाव लड़ेगी।
नेता ने कहा कि जनरल काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए करुणानिधि ने कहा कि पार्टी नेता और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा को 2जी घोटाले का पूरी तरह से दोषी ठहराया गया है। उन्होंने इसी मामले में अपनी बेटी और राज्यसभा सदस्य कनिमोझी के जेल जाने का भी उल्लेख किया।
डीएमके प्रमुख ने कहा कि आज की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अटलबिहारी वाजपेयी के समय से बिलकुल भिन्न है।
जनरल काउंसिल ने करुणानिधि और महासचिव के. अंबाझगन को 2014 के आम चुनाव के लिए गठबंधन के बारे में फैसला लेने का अधिकार सौंपा है।
जनरल काउंसिल बैठक में कई वक्ताओं ने कहा कि वे लोग वर्ष 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन के खिलाफ राय जाहिर की।
डीएमके के एक नेता ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर आईएएनएस से कहा, "कई वक्ताओं ने कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करे। सदस्यों ने कहा कि पार्टी अकेले चुनाव लड़ सकती है।"
श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे पर सरकार के रवैए से असंतोष जाहिर करते हुए डीएमके ने सत्ताधारी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से नाता तोड़ लिया था।
बाद में हालांकि पार्टी ने कांग्रेस से दूरी कम भी की। करुणानिधि की बेटी कनिमोझी राज्यसभा में कांग्रेस की मदद से चुनी गई।
डीएमके जनरल काउंसिल की बैठक लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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