सेंसर बोर्ड सीईओ ‘स्पीड मनी’ कहते थे घूस को
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। सेंसर बोर्ड के गिरफ्तार किए सीईओ राकेश कुमार घूस के पैसे को ‘स्पीड मनी' कहते थे। वे बॉलीवुड के बड़े निर्माताओं से खुद संपर्क में रहते थे। हां, छोटे निर्माताओं से डील करने के लिए उन्होंने अपने कुछ लोग रखे हुए थे। सीबीई सूत्रों ने बताया कि राकेश कुमार घूस के पैसे के लिए स्पीड मनी का प्रयोग इसलिए करते थे क्योंकि ये तुरंत मिल जाती है।

ध्यान रहे कि राकेश कुमार को पिछले रविवार को सेंसर बोर्ड में सीईओ रहते हुए फिल्म पास करने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस बीच, सीबीआई को उनके बैंक लॉकर से 2 किलो सोने और हीरे के गहने मिले हैं। इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई की गई है।
इसके साथ उसके लॉकर से 6 प्रॉपर्टियों के दस्तावेज भी मिले हैं। बुधवार को उसके पहले लॉकर को खोला गया था जिसमें जूलरी खरीदने की रिसीप्ट पाई गई थी।
इस बीच,सीबीआई सेंसर बोर्ड के सदस्यों से भी पूछताछ करने पर विचार कर रही है। जांच एजेंसी पता लगाना चाहती है कि क्या वे भी राकेश कुमार के साथ घूसखोरी कर रहे थे।












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