मधुमेह बना लिंग में तनाव नहीं होने की वजह, टूट रही शादियां
नई दिल्ली (विवेक शुक्ल)। आमतौर पर हमारे यहां शादियों के फेल होने का एक बड़ा कारण पुरुषों के लिंग में पर्याप्त तनाव ना पैदा होना उभर कर आ रहा है। इसकी वजह जानना चाहेंगे ... वजह है डायबिटिज। भारत में डायबिटीज के रोगियों की तादाद तेजी से बढ़ती जा रही है। हरेक छठा शख्स इस रोग से ग्रस्त है। राजधानी के अल्फा वन एंड्रोलोजी ग्रुप की तरफ से किए गए एक सर्वे से मालूम चला कि पुरुषों में डायबिटीज के बढ़ते रोग के चलते विवाह टूट रहे हैं।

लिंग में तनाव का अभाव
अल्फा वन के डायरेक्टर डा. अनूप धीर ने बताया कि डायबिटीज के रोगियों के लिए यौन क्रिया के दौरान लिंग को पर्याप्त समय तक के लिए बेहतर पोजिशन में रखना मुमकिन नहीं होता। इसके चलते यौन संबंध सही तरह से स्थापित नहीं हो पाते। करीब 20 फीसद विवाहों के टूटने की यही वजह सामने आ रही हैं।
डा. धीर ने बताया कि देश में डायबिटीज से ग्रसित ढाई हजार पुरुषों पर सर्वे किया गया। उनमें 40 साल से ऊपर के पुरुषों में 52 फीसद पुरुषों के सामने लिंग को सेक्स के समय पर्याप्त तनाव की पोजिशन में रखना संभव नहीं हो पाता। उन्होंने बताया कि इसके चलते रोगी लो ब्लड प्रेशर की दवा लेते हैं। उन्होंने बताया कि वैवाहिक संबंधों में सेक्स अहम है और पुरुषों में हाइपर टेंशन के कारण भी सेक्स संबंध खराब हो रहे हैं।
डा. धीर ने बताया कि 40 साल की उम्र के बाद उक्त रोग के कारण सेक्स लाइफ बुरी तरह से प्रभावित होने लगी है। इस उम्र के बाद पति-पत्नी के बीच औसतन साल में 58 बार ही यौन संबंध स्थापित होते हैं। पर डायबिटीज के रोगी के लिए 58 बार सेक्स करना कठिन होने लगा है। होता यह है कि ब्लड शूगर का लेवल बढ़ने से लिंग में रक्त का पर्याप्त फ्लो नहीं जा पाता। इस कारण लिंग सेक्स करने में असफल होने लगता है।
डा. धीर ने बताया कि उक्त समस्य़ा का असर महिलाओं पर भी खासा पड़ता है। वह मनोवैज्ञानिक रूप से टूटने लगती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि अब उक्त पुरुष रोगियों का सफल इलाज संभव है। जिसके चलते उनकी सेक्स लाइफ में आनंद लौट सकता है।












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