हर वेरिएंट पर काम करने वाली वैक्सीन पर चल रहा काम, 80 हजार से ज्यादा हुई सिक्वेंसिंग
नई दिल्ली, 23 अगस्त: पिछले साल आई कोरोना महामारी ने सभी राज्यों को परेशान कर रखा है। हालांकि अब युद्धस्तर पर टीकाकरण अभियान चल रहा है। मौजूदा वक्त में कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक लोगों को दी जा रही है, लेकिन कई ऐसे टीके भी हैं जिनको मंजूरी मिल गई है। साथ ही वो जल्द ही आयात कर लिए जाएंगे। इस वजह से सरकार अब इस दिशा में फोकस कर रही कि कौन सी वैक्सीन वायरस के किस वेरिएंट पर ज्यादा प्रभावी है।

मामले में जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. रेणु स्वरूप ने कहा कि हमारे पास वैक्सीन की एक पाइपलाइन है। डीएनए वैक्सीन के लिए ईयूए दिया गया है, हमारे अपने MRNA के जल्द ही फेस-3 में जाने की संभावना है। उम्मीद जताई जा रही है कि बायोलॉजिकल ई की वैक्सीन 'कॉर्बेवैक्स' की अनुमति के लिए सितंबर के अंत तक अर्जी डाल दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हर वैक्सीन का अलग-अलग वेरिएंट पर भी ट्रॉयल किया जा रहा है। अब वैज्ञानिक ऐसी वैक्सीन पर काम कर रहे हैं, जो हर वेरिएंट से लड़ सकता है।
डॉ. स्वरूप ने आगे कहा कि अब हम राज्य के विभागों में जीनोम अनुक्रमण का विस्तार कर रहे हैं। अभी तक 80 हजार से ज्यादा जीनोम सिक्वेंसिंग की गई है। ये सिर्फ मौजूदा वेरिएंट के लिए नहीं है, बल्कि इसमें वायरस के नए वेरिएंट को भी लिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक ज्यादातर सिक्वेंसिंग में डेल्टा वेरिएंट ही मिले हैं। कुछ मामलों में अल्फा वरिएंट भी नजर आए।
देश में कितने कोरोना केस
दूसरी लहर खत्म होने के बाद भी देश में रोजाना 30 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में संक्रमित मरीजों की संख्या 3,24,50,093 हो गई है। जिसमें 4.34 लाख की मौत हुई, जबकि 3,16,73,399 ठीक हो चुके हैं। ऐसे में एक्टिव केस की संख्या 3,29,094 ही है।












Click it and Unblock the Notifications