दिल्ली: मुखर्जी नगर में लैंड लॉर्ड्स और प्रोपर्टी डीलर की गुंडागर्दी के खिलाफ हजारों स्टूंडेट्स सड़कों पर
नई दिल्ली। इन दिनों दिल्ली के मुखर्जी नगर क्षेत्र में स्टूडेंट्स और वहां के स्थानीय लोगों के बीच कई मुद्दों को लेकर विवाद चल रहा है। पिछले करीब तीन दिनों से मुखर्जी नगर और नेहरू विहार में हिंसा भी देखने को मिली है, जिसके बाद स्टूडेंट्स पर पुलिस ने लाठियां भी चलाई है। मुखर्जी नगर में लैंड लॉर्ड्स, प्रोपर्टी डीलर और स्थानीय बदमाश लोगों का एक गुट एक तरफ, तो वहीं देश के अलग-अलग हिस्सों से कोचिंग करने आए स्टूडेंट्स का गुट एक तरफ दिखाई दे रहा है। स्टूडेंट्स ने जो आरोप लगाए हैं, वो बहुत ही गंभीर है, इससे पुलिस प्रशासन की नाकामी को भी उजागर करती है।

Photo Credit: Kundan Yadav/Twitter
मुखर्जी नगर में यूपीएससी, बैंक और एसएससी समेत कई परिक्षाओं की तैयारी कर स्टूडेंट्स का आरोप है कि यहां के लैंड लॉर्ड्स ना सिर्फ मनमाने तरीकों से किराये वसूलते हैं, बल्कि स्थानीय लोग शाम को शराब पीकर बदमाशी भी करते हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि लैंड लॉर्ड्स किराया लेने का बाद भी उन्हें सुविधाएं नहीं दे पा रहे हैं। शुक्रवार को स्टूडेंट्स और लैंड लॉर्ड्स-प्रोपर्टी डीलर के बीच हुई झड़प के बाद अब मामला बढ़ता जा रहा है।
मुखर्जी नगर और नेहरू विहार में देश के अलग-अलग राज्यों से 20 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स रह रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरा मामला 10 अगस्त का है, जब एक स्टूडेंट प्रॉपर्टी डीलर को किराया देने गया तो उसने किराया देने के साथ समस्याओं को भी उठाया, जो उसे नहीं दी जा रही थी। उसी बहस के दौरान प्रोपर्टी डीलर ने उस स्टूडेंट को कमरे में बंद कर उसे बुरी तरह से चप्पलों से पीट दिया। इस घटना के बाद जब कुछ स्टूडेंट्स एफआईआर दर्ज करवाने गए, तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से ही मना कर दिया।
इसके बाद, बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने एक रैली निकाली और धरने पर बैठ गए। स्टूडेंट्स का आरोप है कि उस दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज पर किया। इस घटना में कई स्टूडेंट्स घायल भी हुए हैं।
स्टूडेंट्स का आरोप है कि कई बार लैंड लॉर्ड्स रात को 12 बजे भी कमरे का किराये लेने आ जाते हैं। साथ ही उनका आरोप है कि यहां के लोकल लड़के भी स्टूडेंट्स के साथ गाली-गलोच और अक्सर शराब पीकर उन्हें परेशान करते हैं। हालांकि, मुखर्जी नगर व नेहरू विहार के लैंड लॉर्ड्स ने स्टूडेंट्स के इन आरोप को बेबुनियाद बताया है।
स्टूडेंट प्रोटेस्ट में साथ दे रहे 'डार्क हार्स' के लिए साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित नीलोत्पल मृणाल के साथ भी मारपीट हुई है। स्टूडेंट्स के साथ खड़े नीलोत्पल अपने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखते हैं, 'प्लीज़ ध्यान दें। छात्र कहाँ जाएँ? नेहरू विहार से सुचना है कि, अभी अभी कुछ 100, 200 की संख्या में समूह बना कर स्थानीय गुंडे ( न कि सामान्य नागरिक) जहां भी छात्रों को देख रहे हैं, पीट दे रहे हैं। माहौल अराजक है। मुझ जैसे कई साथी को वहां से कहा जा रहा साथियों द्वारा कि, अभी मत आईये, ये मार रहे हैं। कल रात से नक्सल का घटिया अफ़वाह फैला अब अभी स्थानीय गुंडों को आक्रामक कर तैयार कर दिया गया है। पुलिस फोर्स भर दिया गया है और वे भी लाठी चला रहे। पुलिस खुले आम ये सब कर रही और सह दे रही उन मार पीट करते गुंडों को। हम छात्र आज शांति से कैंडिल मार्च को आने वाले थे, लेकिन ऐन मौके पर फसाद शुरू कर दिया गया है। अब छात्रों की सुरक्षा बेहद चिंताजनक है। कोई भी मीडिया नही पहुंचा अभी वहां। कुछ लोग छात्रों के विरुद्ध गलत रिपोर्टिंग कर रहे। मुझे सुबह से अफवाहों से इतना हड़काया कि हिम्मत न कर पाऊँ छात्रों के साथ किसी समाधान की योजना पे। आप सबसे हाथ जोड़ के विनती है कि मीडिया को वहां के हालात जानने भेंजे। हमारे कोचिंग संस्थान तुरंत छात्रहित में पुलिस की कार्यवाही और स्थानीय गुंडागर्दी के विरुद्ध एकजुट हो ये दवाब बनायें कि छात्र छात्राओं की सुरक्षा से समझौता न हो। आखिर हम छात्र कहाँ जाएँ? क्या दुनिया का कौन सा हिस्सा मांग लिया है इन मार खाते छात्रों ने? किसका हक़ खा गए हमलोग? प्लीज़ बहुत संकट में बड़े डरे हुए हैं ये दूर दूर के प्रदेश से छात्र। कुछ करिये, प्लीज़। जय हो।'
वहीं, सोशल मीडिया पर भी स्टूडेंट्स का सपोर्ट मिल रहा है। दिल्ली में रह रहे कई युवाओं का भी आरोप है कि लैंड-लॉर्ड्स अपने मनमर्जी से किराया वसूलते हैं और मुखर्जी नगर में कमरों का किराया बहुत ज्यादा है।












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