कैसे लोहे का गेट बना मौत की वजह? जानें दिल्ली में इतना बड़ा हादसा आखिर हुआ कैसे, इस तरह घुसा सेंटर में पानी
Delhi Rajendra Place incident: दिल्ली के राजेंद्र नगर में हुई हालिया घटना में कई छात्रों ने अपनी जान गंवा दी। इस घटना को लेकर हर किसी में आक्रोश है। छात्र इकट्ठा होकर बदइंतजामात पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में चलिये बात करते हैं हादसे की उस वजह के बारे में, जिसकी वजह से आईएएस बनने का सपना देख आए छात्रों को अपनी जान गंवा देनी पड़ी।
बीते दिनों आपने 26 साल के छात्र की मौत के बारे में तो सुना ही होगा। छात्र ने खुद को फिसलने से बचाने के लिए एक गेट का सहारा लिया, जिसपर करंट दौड़ रहा था। उसकी करंट लगने से मौत हो गई। अब इस घटना के चंद दिनों बाद ही कोचिंग सेंटर में इतनी बड़ी घटना का होना प्रशासन की लापरवाही की ओर साफतौर पर इशारा कर रहा है।

कैसे गेट बना मौत की वजह?
बताते चलें कि दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर अतुल गर्ग की मानें तो इस हादसे के लिए जो चीज जिम्मेदार है, वो है कोचिंग सेंटर का लोहे का गेट। ये गेट सड़क पर लगे पानी को रोकने के लिए बनाया गया है। मगर सड़क से एक ट्रक गुजर रहा था, और उसी ट्रक के दबाव के चलते गेट टूट गया। जब गेट टूटा तो सड़क के पार बह रहा सारा का सारा पानी बेसमेंट में गिरने लगा।
हालांकि इस मुद्दे पर भी बहस जारी है। सवाल खड़ा हो रहा है कि अगर ट्रक सड़क से निकला भी तो कोचिंग सेंटर तो सड़क से थोड़ा हटकर था। ऐसे में कोचिंग में लगा लोहे का गेट कैसे ट्रक की वजह से टूट सकता है। हालांकि डायरेक्टर ने इस बात में भी कई सारी संभावनाओं का जिक्र किया है।
फिलहाल इस हादसे की वजह से दिल्ली की फायर सर्विस पर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। कोचिंग सेंटर को दी गई एनओसी के बारे में बातें पूछी जा रही हैं। कहा जा रहा है कि इस कोचिंग सेंटर को संचालित करने की अनुमति ही क्यों दी गई थी। बेसमेंट में कैसे विधिवत क्लासेज हो रही थी।












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