परेशान दरोगा ने पीएम मोदी को कही मन की बात, तुरंत मिला समाधान
नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस के एक पुलिसकर्मी ने 27 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईमेल लिखकर दर्द बयां किया। पुलिसकर्मी का कहना था कि उसे लंबी ड्यूटी कराई जाती है और जरूरत के समय उसे छुट्टी भी नहीं मिलती है। पुलिसकर्मी के इस ईमेल पर तुरंत कार्रवाई हुई और काम का बोझ घटाने के लिए पुलिसकर्मी के थाने में दो और इंस्पेक्टर तैनात कर दिए गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में करीब 15 हजार से ज्यादा जवान वीवीआईपी सुरक्षा, 12000 ट्रैफिक, 35000 थानों में अगल-अलग ड्यूटी (पीसीआर, स्पेशल ब्रांच, स्पेशल सेल,क्राइम बांच आदि) के लिए तैनात हैं।

भलस्वा डेयरी थाने के सब इंस्पेक्टर ने लिखा पत्र
राजधानी दिल्ली के भलस्वा डेयरी थाने के सब इंस्पेक्टर ने पीएम मोदी को पत्र लिखा कि, ''मैंने आपको यह सोचकर वोट दिया था कि आप पीएम बनोगे तो सिस्टम में बदलाव आएगा, लेकिन हालात नहीं बदले। दिल्ली पुलिस के जवानों को लगातार सीनियर अफसरों का उत्पीड़न झेलना पड़ता है, जिस कारण से वो डिप्रेशन में हैं।''

छलक आया दरोगा का दर्द
अपने पत्र में दर्द बयान करते हुए सब इंस्पेक्टर ने अपनी प्रेग्रेंट पत्नी का हवाला देते हुए लिखा कि इन हालात में मुझे मेरी घर में जरुरत है, लेकिन मुझे छुट्टी नहीं जा रही है। कई बार सुसाइड करने का भी मन करता है। वर्क प्रेशर में ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ रहा है। कई बार डिप्रेशन में चला जाता हूं। मेरा मूड काफी अपसेट रहता है, जिस कारण से लोगों की शिकायतों का निपटारा भी नहीं पो पाता है।

27 मई को लिखा था पीएम को पत्र
27 मई को पीएम मोदी को लिखे गए खत में सब- इंस्पेपटर ने लिखा कि इंसान को छह घंटे नींद तो जरूरी है। क्या पुलिसकर्मी इंसान नहीं? 12 घंटे काम के बाद रेस्ट तो जरूरी है, लेकिन मिलता क्या है। अफसरों की फटकार। पुलिसकर्मी की सहनशक्ति चरमरा गई है।












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