दुनिया की दूसरी सबसे महंगी सेवा है दिल्ली मेट्रो, कमाई का 19.5 फीसदी हिस्सा खर्च करते हैं यात्री

नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल सेवा दुनिया भर की मेट्रो सेवाओं की तुलना में दूसरी सबसे महंगी सेवा है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंटल (CSE) ने 2018 के लिए किए गए लागत और कमाई पर किए गए अध्ययन में दावा किया है। इसके साथ-साथ इस अध्ययन में और की भी कई बातें सामने आई हैं। जैसे कि रोजाना सफर करने वाला यात्री अपनी कमाई का 19.5 फीसदी पैसा दिल्ली मेट्रो में बतौर किराए के रूप में खर्च करते हैं। जबकि संगठन के विशेषज्ञों ने कहा कि परिवहन के किसी भी तरीके पर एक कम्यूटर के आय का 15% से अधिक पैसा खर्च नहीं होना चाहिए।

वियतनाम के हनोई शहर के बाद आता है दिल्ली मेट्रो का नंबर

वियतनाम के हनोई शहर के बाद आता है दिल्ली मेट्रो का नंबर

मंगलवार को, सीएसई के दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन दुनिया भर में शहरी परिवहन प्रणालियों की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। जिसमें विशेषज्ञों ने कहा कि वियतनाम के हनोई शहर के बाद दिल्ली मेट्रो दूसरा सबसे महंगा परिवहन नेटवर्क है। सीएसई की स्टडी के अनुसार दिल्ली मेट्रो के 30 प्रतिशत यात्रियों की मासिक आय 20 हजार रुपए हैं, जबकि उनको अपनी कमाई का 19.5 प्रतिशत हिस्सा मेट्रो ट्रैवल पर भी खर्च करना पड़ रहा है। आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों के यात्रियों के मामले में मेट्रो ट्रैवल पर उनकी आय का खर्च 22% तक बढ़ जाता है। इस स्टडी में कहा गया है कि दिल्ली की 34 प्रतिशत आबादी बेसिक नॉन एसी बस सर्विस को भी अफोर्ड नहीं पाती है।

ट्रैवल पर खर्च 15 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए

ट्रैवल पर खर्च 15 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए

सीएसई में कार्यक्रम प्रबंधक गौतम पटेल और प्रोग्रामर मैनेजर गौरव दुबे ने कहा कि कोई भी व्यवस्था यह उपयोगकर्ताओं से ये नहीं कहती है कि आप अपनी कमाई का 15% से अधिक खर्च ट्रैवल पर करें। कम आय वाले समूहों के मामले में, शेयर 10% से अधिक नहीं होना चाहिए। उदाहरण के लिए दिल्ली में एक अकुशल मजदूर औसतन 534 रुपये की दैनिक दैनिक मजदूरी कमाता है पर उसकी आया से 80 रुपए मतलब 15 प्रतिशत कमाई तो वो ट्रैवल पर खर्च देता है।

मेट्रो में सफर के वक्त आंकाड़ा 22 प्रतिशत तक पहुंच जाता है

मेट्रो में सफर के वक्त आंकाड़ा 22 प्रतिशत तक पहुंच जाता है

सीएसई की रिपोर्ट के अनुसार अगर वह साधारण बस से ट्रैवल करता है तो उसका 8 प्रतिशत खर्च होता है जबकि एसी बस में सफर करता है तो उसका खर्च 14 प्रतिशत आता और लेकिन जब वो मेट्रो में सफर करता है तो उसका खर्च इन सभी को पीछे छोड़ते हुए 22 प्रतिशत तक पहुच जाता है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि दिल्ली मेट्रो की सर्विस और क्वालिटी अच्छी है। सीईसी ने कही पिछले साल तो दिल्ली मेट्रो ने किराए में लगभग दोगुना की वृद्धि कर दिया।

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