Delhi Janakpuri Accident पर अरविंद केजरीवाल का तीखा हमला, बोले– यह हादसा नहीं, बल्कि ‘हत्या’ है
Delhi Janakpuri Accident: दिल्ली के जनकपुरी इलाके शुक्रवार 6 फरवरी को सुबह DJB के खुले गड्ढे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। इसके इस मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
केजरीवाल ने इसे एक "दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या" करार देते हुए प्रशासनिक लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।

Arvind Kejriwal Statement: रात भर गड्ढे में फंसा रहा, फिर मौत हो गई
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर इलाके में सड़क पर बने गहरे गड्ढे में एक मासूम बाइक सवार गिर गया। वह युवक पूरी रात उसी गड्ढे में फंसा रहा और समय पर मदद न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। केजरीवाल ने लिखा कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं है, बल्कि सिस्टम की लापरवाही की वजह से हुई मौत है, जिसे हत्या ही कहा जाना चाहिए।
नोएडा हादसे से भी नहीं लिया सबक
AAP प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि नोएडा में हाल ही में हुए इसी तरह के हादसे से भी भाजपा सरकारों ने कोई सबक नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे दिल्ली हो या नोएडा, भाजपा शासित राज्यों में प्रशासन की लापरवाही आम बात बन चुकी है। केजरीवाल ने कहा,नोएडा की घटना से दिल्ली की भाजपा सरकार ने कुछ नहीं सीखा। बस रोज़ झूठ बोला जाता है।
अपने बयान में अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अत्यधिक लापरवाही और गैर-जिम्मेदार रवैया अब उनकी पहचान बन चुका है। इसका खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर खुले गड्ढे, बिना बैरिकेडिंग के चल रहे निर्माण कार्य और कमजोर निगरानी व्यवस्था लोगों की जान के लिए खतरा बन चुके हैं।
जांच के आदेश, लेकिन सवाल बरकरार
यह घटना दिल्ली के जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर इलाके की है, जहां दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा खोदे गए गहरे गड्ढे को ठीक से ढंका या सुरक्षित नहीं किया गया था। रात के समय बाइक सवार युवक इस गड्ढे में गिर गया। सुबह होने पर पुलिस और राहत टीम ने युवक और उसकी बाइक को गड्ढे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
सरकार की ओर से मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, लेकिन विपक्ष का कहना है कि जांच से ज्यादा जरूरी जवाबदेही तय करना है। सवाल यह है कि आखिर खुले गड्ढों की जिम्मेदारी किसकी है और ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं?
जनकपुरी हादसे ने एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा, प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम की जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।












Click it and Unblock the Notifications