दिल्ली में सांस लेना मुश्किल, लेकिन टॉप 10 प्रदूषित भारतीय शहरों में वो शामिल नहीं है
नई दिल्ली। बीते कुछ दिनों से दिल्ली वालों को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही है। यहां हवा में ना केवल धुंध छाई हुई है, बल्कि बढ़ते प्रदूषण के कारण शहर को गैस चैंबर तक कहा जा रहा है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में थोड़ी बेहतरी देखी गई है, जो 400 से कम होकर 150-200 हो गया।

लेकिन अगर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़े देखें तो पता चलेगा कि दिल्ली टॉप 10 प्रदूषित भारतीय शहरों में शामिल नहीं है। 24 घंटे के लिए की गई औसत एक्यूआई (तीन नवंबर शाम 4 बजे से चार नवंबर शाम 4 बजे तक) गणना के अनुसार हरियाणा के जिंद की हवा सबसे जहरीली है। जिंद का औसत एक्यूआई 448 है। जबकि दिल्ली का औसत एक्यूआई 407 है।

15 शहरों का एक्यूआई गंभीर स्थिति में
सीपीसीबी के अनुसार 15 शहरों का एक्यूआई गंभीर स्थिति में पाया गया। जिनमें से नौ शहर उत्तर प्रदेश के हैं और पांच हरियाणा के हैं। जिंद के बाद यूपी के आठ शहरों की हवा अधिक जहरीली है। जिंद के बाद बागपत (एक्यूआई 440), गाजियाबाद (440), हापुड़ (436), लखनऊ (435), मुरादाबद (434), नोएडा (430), ग्रेटर नोएडा (428), कानपुर (427) और हरियाणा का सिरसा (426) शहर है।

दिल्ली टॉप 10 में शामिल नहीं
इतना अधिक प्रदूषण होने के बावजूद भी दिल्ली टॉप 10 सबसे प्रदूषित भारतीय शहरों में शामिल नहीं थी। यहां तक कि दिवाली से पहले भी। आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में यूपी और हरियाणा के शहरों की हवा दिल्ली से भी अधिक प्रदूषित थी।

चार शहरों की हवा एकदम साफ
हालांकि भारत के चार शहर ऐसे भी हैं, जहां की हवा एकदम साफ है। इनमें से दो केरल में हैं, कोच्चि (एक्यूआई 25) और तिरुवनंतपुरम (एक्यूआई 49)। इनके अलावा मुंबई के ठाणे (एक्यूआई 45) और राजस्थान के कोटा (एक्यूआई 50) शहर की हवा भी साफ पाई गई है।












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