Delhi Elections 2020: जानिए कितने सटीक रहे हैं EXIT Polls

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर मतदान खत्म हो चुके हैं। वोटिंग खत्म होने के बाद अलग-अलग एग्जिट पोल सामने आए हैं। अधिकांश एग्जिट पोल्स में दिल्ली में एक बार फिर से आम आदमी पार्टी की सरकार बनने का अनुमान लगाया गया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के बाद सामने आए एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी, दूसरे नंबर पर भारतीय जनता पार्टी और तीसरे नंबर पर कांग्रेस के रहने का अनुमान हैं। एग्जिट पोल के अनुमान नतीजों में बदल पाते हैं या नहीं ये 11 फरवरी को पता चल जाएगा। वहीं ये जानना भी दिलचस्प है कि अब तक इन Exit Polls के नतीजे कितने सटीक और सही रहे हैं।

 कितने सटीक रहे एग्जिट पोल्स

कितने सटीक रहे एग्जिट पोल्स


एग्जिट पोल्स वोटर्स की राय होती है, जो पोलिंग बूथ पर अगली सरकार बनने को लेकर अपना पक्ष रखते हैं। एग्जिट पोल के जरिए वोटर्स अपनी राय रखते हैं।एग्जिट पोल्स वोट करके पोलिंग बूथ के बाहर आए लोगों से बातचीत या उनके रुझानों पर आधारित हैं, जिसके आधार पर अनुमान लगाया जाता है कि लोगों का झुकाव किसी पार्टी की ओर है। हालांकि एग्जिट पोल के नतीजे कितने सही साबित होंगे इसे लेकर हमेशा संदेह रहता है। Exit Poll कल्चर 1980 में भारतीय मीडिया में शुरु हुआ। इसी के बाद से भारतीय मीडिया चुनाव के बाद से सर्वे करने लगा। दूरदर्शन ने 1996 में एग्जिट पोल शुरु की। यह एग्जिट पोल सेंट्रर फॉर द स्टडी ऑफ द डेवलपमेंट स्टडीज के अंतर्गत किया जाता है।

 साल 2015 के एग्जिट पोल कितने सही

साल 2015 के एग्जिट पोल कितने सही

साल 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर किए गए एग्जिट पोल में अधिकांश एजेंसियों ने AAP के जीत का अनुमान लगाया था। हालांकि किसी भी एग्जिट पोल ने उतनी सीटों का अनुमान नहीं लगाया, जितनी सीटें आप पार्टी ने हासिल की। इंडिया न्यूज एक्सिस एग्जिट पोल में आप को 53 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया, वहीं न्यूज 24-टुडे चाण्कया एग्जिट पोल ने 48 सीटों का अनुमान लगाया था। वहीं एबीपी नेल्सन पोल ने 39 सीटों का अनुमान लगाया था। आपको बता दें कि ये जरूरी नहीं है कि एग्जिट पोल के नतीजे समेशा सही साबित हो। साल 1998,2004,2009,2014 के लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के अनुमान पूरी तरह से गलत साबित हुए थे।

क्या होता है एग्जिट पोल

क्या होता है एग्जिट पोल

चुनाव में मतदान खत्म होने के बाद जब मतदाता अपना वोट डालकर निकल ररहे होते हैं तब उससे पूछा जाए कि उसने किसे वोट दिया। इस आधार पर किए गए सर्वेक्षण से जो व्यापक नतीजे निकाले जाते हैं उन्हें ही एक्जिट पोल कहते हैं। ये ओपिनियन पोल से अलग होते हैं, क्योंकि इस सर्वे में निर्वाचकों से पूछा जाता है कि वे अपना मत किसे देने का मन बना रहे हैं।

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