कोरोना की वैक्सीन के लिए दिल्ली-मुंबई ने तैयार की 3.25 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स की लिस्ट
नई दिल्ली। कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में फ्रंटलाइन वर्कर्स की भूमिका काफी अहम रही है। फ्रंट लाइन वर्कर्स ने अपनी जान की परवाह किए बगैर इस संकट के काल में लोगों की सेवा की है। यही वजह है कि कोरोना की वैक्सीन की सबसे पहली खुराक इन फ्रंटलाइन वर्कर्स को दिए जाने की योजना है। दिल्ली और मुंबई में इन फ्रंटलाइन वर्कर्स की लिस्ट तैयार की जा रही है, जिन्हें प्राथमिकता के साथ यह वैक्सीन दी जाएगी। इन लोगों को कोरोना की वैक्सीन देने के लिए कोल्ड स्टोरेज यूनिट को सेटअप किया जाएगा।

इन लोगों को पहले मिलेगी वैक्सीन
सूत्रों के अनुसार दिल्ली सरकार सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों से जुड़े तकरीबन दो लाख हेल्थ वर्कर्स की लिस्ट तैयार कर रही है, जिन्हें पहले फेज में कोरोना की वैक्सीन दी जानी है। इन लोगों में मेडिकल, पैरामेडिकल, सफाई कर्मचारी, सिक्युरिटी, डेंटल और आयुष में काम करने वाले प्रशासनिक कर्मचारी शामिल हैं। डाइगनोस्टिकलैब, रेडियोलॉजी सेंटर, फिजियोथेरेपी क्लीनिक के स्टाफ सदस्यों के नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं। वहीं मुंबई के तकरीबन 1.5 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन दिए जाने की तैयारी की जा रही है। बीएमसी ने 10 सदस्यों का टास्क फोर्स तैयार किया है जोकि टीकाकरण के इस कामकाज को देखेगा। वैक्सीन को लाने व ले जाने के लिए तकरीबन 3000 लोगों की टीम को प्रशिक्षण दिया गया है।
एलएनजेपी अस्पताल के 3960 लोगों को मिलेगी वैक्सीन
दिल्ली के एनएनजेपी अस्पताल से तकरीबन 4000 लोगों के नाम भेजे गए हैं। अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि पिछले तीन हफ्तों में हमने डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और अस्पताल के कर्मचारी की लिस्ट सरकार को भेजी है। हम इन लोगों को वैक्सीन देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। सैनिटेशन वर्कर, ओटी टेक्नीशियन यहां तक कि सिक्योरिटी गार्ड के नाम भी इस लिस्ट में हैं। कुल 3960 लोगों के नाम इस लिस्ट में हैँ।
तैयार किए जा रहे कोल्ड स्टोरेज
दिल्ली में तीन मंजिला राजीव गांधी सुपर स्पेसिएलिटी अस्पताल को कोरोना की वैक्सीन की डोज को रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज के तौर पर स्थापित किया गया है। यहीं से शहर के 600 अतिरिक्त स्टोरेज हाउस तक कोरोना की वैक्सीन को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्र डॉक्टर बीएल शेरवाल ने बताया कि मौजूदा समय में इलेक्ट्रिकल और सिविल का काम अस्पताल में चल रहा है। यहां निर्माण का भी काम चल रहा है। अस्पताल में आने जाने के रास्ते को चौड़ा किया गया है, दरवाजों को भी चौड़ा किया गया है ताकि बड़े फ्रीजर यहां कमरों में आ सके। सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशन के लिए इलेक्ट्रिकल काम चल रहा है।
अलग-अलग तापमान की जरूरत
बता दें कि अमेरिका की कंपनी फाइजर की कोरोना वैक्सीन को 70 डिग्री सेल्सियस पर रखने की आवश्यकता है। वहीं आस्ट्रा जेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा दैयार की गई वैक्सीन को 2-8 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने की आवश्यकता है। डॉक्टर शेरवाल ने बताया कि हम हर रेंज के फ्रीजर रखने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे कि वैक्सीन को अलग-अलग टेम्परेचर में रखा जा सके। केंद्र सरकार इन फ्रीजर की सप्लाई राज्य सरकार को आने वाले हफ्तों में करेगी।












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