Joint Theatre Commands का ऐलान कर बोले रक्षा मंत्री, सशस्त्र बलों के बीच बढ़ेगा समन्वय
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि तीनों सेनाओं के लिए ज्वाइंट थिएटर कमांड्स की स्थापना की जाएगी। इस फैसले के बाद थल सेना, वायु सेना और नौसेना की ताकत बढ़ेगी।
नई दिल्ली, 24 जुलाई : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि तीनों सेनाओं के लिए ज्वाइंट थिएटर कमांड्स (joint theatre commands of tri-services) की स्थापना की जाएगी। इस फैसले के बाद थल सेना, वायु सेना और नौसेना की ताकत बढ़ेगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ जम्मू दौरे पर
राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि सशस्त्र बलों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए तीनों सेनाओं के संयुक्त थिएटर कमांड की स्थापना की जाएगी। समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय सशस्त्र बलों के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए जम्मू में जम्मू कश्मीर पीपुल्स फोरम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संबोधित कर रहे थे।
संयुक्त थिएटर कमांड के बैकग्राउंड में कारगिल...
जम्मू में 'कारगिल विजय दिवस' के स्मरणोत्सव समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को सशस्त्र बलों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए तीनों सेनाओं के संयुक्त थिएटर कमांड की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा, कारगिल में ऑपरेशन विजय के तहत चलाए गए संयुक्त अभियान को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने देश में संयुक्त थिएटर कमांड स्थापित करने का फैसला किया है।
थिएटर कमांड को सरकार का पूरा समर्थन
संयुक्त थिएटर कमांड के संबंध में हिंदुस्तान टाइम्स (एचटी) की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल फरवरी में संकेत मिले थे कि भारत लंबे समय से प्रतीक्षित अपनी थिएटर योजना का प्रारंभिक रोल-आउट शुरू करने के लिए तैयार है। रिपोर्ट में एयर डिफेंस कमांड और मैरीटाइम थिएटर कमांड मई 2020 तक शुरू होने की संभावना का जिक्र था। यह भी कहा गया था कि कमांड पूरी तरह से चालू होने में दो साल लग सकते हैं। थिएटर कमांड को सरकार का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। ऐसे में अब रक्षा मंत्री की घोषणा बड़ा फैसला माना जा रहा है।
वायुसेना की अहम भूमिका
खबरों के मुताबिक जून 2021 में, सरकार ने थिएटर की योजनाओं को ठीक करने और सभी हितधारकों को मिलाकर आठ सदस्यीय पैनल का गठन किया। नए संयुक्त ढांचे के तेजी से रोल-आउट के लिए विशेष रूप से भारतीय वायु सेना को साथ में लिया गया।
थिएटर कमांड में सबसे जरूरी बात
एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया, भारतीय सेना का थिएटर मॉडल लंबे समय से प्रतीक्षित सुधार का हिस्सा है। इसमें किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए मौजूदा कमान और नियंत्रण संरचनाओं पर वापस लौट सकने के लिए अंतर्निहित लचीलापन होगा। रक्षा मामलों के जानकारों के मुताबिक थिएटर कमांड को स्थिर बनाने में पांच साल तक का समय लग सकता है, और यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि पुनर्गठन के दौरान कोई संकट सामने आने पर थिएटर कमांड से पहले की स्थिति पर लौटने का एक तंत्र हो।
सेना के प्रति नागरिकों के कर्तव्य
थिएटर कमांड के ऐलान के अलावा शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए रक्षामंत्री ने यह भी कहा कि देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को देश नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा, "समाज और लोगों का यह कर्तव्य है कि वे शहीदों और उनके परिवारों को पूरा सम्मान दें।" बकौल रक्षा मंत्री राजनाथ, आप जो भी सहायता कर सकते हैं, सैनिकों के परिवारों के लिए करें। यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
डिफेंस एक्सपोर्ट में भारत अग्रणी
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े रक्षा उपकरणों के आयातक से एक निर्यातक के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, भारत रक्षा उत्पादों का दुनिया में सबसे बड़ा आयातक था। आज, भारत दुनिया का सबसे बड़ा आयातक नहीं है, बल्कि रक्षा निर्यात में लगे शीर्ष 25 देशों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत ने 13,000 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात शुरू कर दिया है। 2025-26 तक इसे बढ़ाकर 35,000 रुपये से 40,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है।












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