पाक आंतकी कैंपों में ट्रेनिंग लेने गए कश्मीरी आंतकियों के सिर पर मंडरा रही है मौत, जानिए वजह?

नई दिल्ली। जानलेवा कोरोनावायरस के कहर से विश्व का कोई भी कोना अछूता नहीं है। इसलिए जरूरी सुरक्षा उपायों के बिना कोई घर से बाहर निकलने से भी गुरेज नहीं करता है, लेकिन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में आंतकी ट्रेनिंग का प्रशिक्षण लेने गए कश्मीरी प्रशिक्षुओं और ट्रेनिंग देने वाले आतंकी सरगना को इसकी परवाह नहीं है।

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रिपोर्ट के मुताबकि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लगातार कोरोनावायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है और संभवतः वहां स्थित आतंकी कैंपों में ट्रेनिंग लेने गए कुछ कश्मीरियों की Covid-19 की बीमारी से मौत भी हो सकती है। जम्मू-कश्मीर DGP दिलबाग सिंह ने संभावना जताते हुए कहा कि पीओके आतंकी प्रशिक्षण लेने गए कश्मीरी प्रशिक्षुओं को Covid-19 बीमारी से मौत हो सकती है, क्योंकि Covid-19 से ग्रस्त होने के बावजूद कोई उनकी सुध नहीं ले रहा है।

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यह खुलासा जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक सिंह ने एक कश्मीरी के कॉल रिकॉर्ड का किया है। दरअसल, एक कश्मीरी ने यह कॉल पीओके के ट्रेनिंग कैंप से कश्मीर में अपने परिवार के पास की थी। सिंह ने बताया कि पीओके में ट्रेनिंग लेने गए कश्मीरियों में किसी तरह जान बचाकर भागने की बेचैनी है। वो जम्मू और कश्मीर में घुसने और घाटी में कोरोना संक्रमण फैलाने की कोशिश करेंगे।

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गौरतलब है डीजीपी के इस खुलासे का महत्व इसलिए बढ़ जाता है, क्योंकि खुफिया एजेंसियों का भी दावा है कि पाकिस्तान कोरोना वायरस से संक्रमित आतंकवादियों को कश्मीर भेजने की जी तोड़ कोशिश कर रहा है ताकि वह भारत में अधिक से अधिक लोगों को कोरोनावायरस से संक्रमित किया जा सके।

आतंकी ट्रेनिंग लेने गए कुछ कश्मीरी Covid19 वायरस से संक्रमित हो गए हैं

आतंकी ट्रेनिंग लेने गए कुछ कश्मीरी Covid19 वायरस से संक्रमित हो गए हैं

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि पाकिस्तान के ट्रेनिंग कैंप से किसी ने कश्मीर में अपने परिवार के सदस्यों को फोन किया था और उन्हें कह रहा था कि ट्रेनिंग लेने गए कुछ कश्मीरी वायरस से संक्रमित हो गए हैं।

 कुछ कश्मीरी Covid-19 की बीमारी से कैंप में ही मर जाएंगे

कुछ कश्मीरी Covid-19 की बीमारी से कैंप में ही मर जाएंगे

फोन पर वह कह रहा था कि कुछ कश्मीरी Covid-19 की बीमारी से कैंप में ही मर जाएंगे और उनका कोई देखभाल नहीं कर रहा है। इस फोन कॉल के इंटरसेप्ट होने के बाद कश्मीर में सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ गई है। डीजीपी ने कहा, वो कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और अगर उन्होंने इधर आने की कोशिश की तो वो दूसरों को भी संक्रमित करेंगे।

पीओके में कम-से-कम 20 आतंकी कैंपों का संचालन फिर से चालू हुए

पीओके में कम-से-कम 20 आतंकी कैंपों का संचालन फिर से चालू हुए

पाकिस्तान ने पीओके में कम-से-कम 20 आतंकी कैंपों का संचालन फिर से शुरू कर दिया है और उसने नियंत्रण रेखा के पास 20 लॉन्च पैड्स भी स्थापित कर रखे हैं।

 जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने को छटपटा रहा है पाकिस्तान

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने को छटपटा रहा है पाकिस्तान

पाकिस्तान पिछले साल के अक्टूबर से ही जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने को छटपटा रहा है। इन कैंपों में लॉन्च पैड्स में 50-50 आतंकवादी हैं, जिन्हें फरवरी 2019 में पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायु सेना की तरफ से किए गए बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद कुछ महीनों तक बंद रखे गए थे।

कश्मीर में अशांति के लिए सीमा पर बैठे है करीब 325 आतंकी

कश्मीर में अशांति के लिए सीमा पर बैठे है करीब 325 आतंकी

डीजीपी ने कहा कि 250 से 325 आतंकवादी इन लॉन्चपैड्स पर सीमा पार घुसपैठ का इंतजार कर रहे हैं जबकि 240 आतंकवादी कश्मीर में पहले से ही इंतजार में हैं। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के चार आतंकवादियों को बुधवार को हथियारों के साथ बडगाम जिले से गिरफ्तार किया गया।

अब आतंकवादियों को भीड़ से हटाकर दफनाया जा रहा है

अब आतंकवादियों को भीड़ से हटाकर दफनाया जा रहा है

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिगपाल सिंह ने बताया कि अब आतंकवादियों को भीड़ से हटाकर दफनाया जा रहा है। हम नहीं चाहते कि कोविड-19 प्रॉटोकॉल का उल्लंघन हो। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण अब मारे जा रहे आतंकवादियों को दफनाने की प्रक्रिया भी बदल दी गई है ताकि उनके जनाजे में भीड़ नहीं जुटे।

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