धर्मगुरु आशुतोष महाराज को डॉक्टरों ने कहा 'डेड', प्रबंधकों ने बताया समाधि-लीन

लेकिन उनके आश्रम वाले इस बात को मानने के लिए कतई भी तैयार नहीं हैं। वह कह रहे हैं कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के प्रमुख आशुतोष महाराज एक दिव्य आत्मा हैं और समाधिलीन हैं। उनके शरीर को फ्रीजर में रखा गया है और जीरो डिग्री का तापमान मुहैया कराया गया है। प्रशासन भी इस मामले में एक्शन लेने को तैयार हैं लेकिन आश्रम वाले उन्हें रोक रहे हैं,उनका विरोध कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वो जानबूझकर बाबा को मृतक घोषित करने में जुटे हैं।
बाबा के प्रबंधकों व सेवादारों का कहना है कि वे गहन समाधि में हैं, साधु-महात्मा जब हिमालय में सामधि लेते हैं तो वहां भी शून्य डिग्री ही होती है। इसलिए वह जरूर वापस आयेंगे और उनके वापस आने में काफी वक्त भी लग सकता है। जबकि जालंधर के नूरमहल स्थित आश्रम में संस्थान की ओर से जारी प्रेस कांफ्रेंस में महाराज का चेकअप करने वाले चंडीगढ़ के डॉक्टर हरपाल ने बताया की महाराज का ई सी जी, ब्रेन एवं हार्ट बीट शून्य है, इसलिए बाबा अब इस दुनिया में नहीं है। लेकिन सेवादारों की जिद की वजह से बाबा का अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है।
जबकि बाबा के ड्राईवर की ओर से कोर्ट में याचिका दायर की गयी है कि बाबा के सेवादारों का ध्यान आश्रम की बेशकिमती दौलत और प्राप्रर्टी पर है इसलिए वह बाबा को मृतक घोषित नहीं कर रहे हैं क्योंकि मृत साबित हो जाने के बाद बाबा की सारी दौलत ट्रस्ट को चली जायेगी। जबकि सेवादारों ने सारी बात का विरोध करते हुए कहा है कि बाबा का तो ड्राईवर ही नहीं था।
गौरतलब है जालंधर में भगवान की तरह पूजे जाने वाले आशुतोष महाराज के बारे में पिछले हफ्ते खबर आयी थी कि उनका निधन हो गया है लेकिन उनके अनुयायियों ने कहा था कि वह गहन समाधि में चले गए हैं और वह समाधि खत्म होने के लिए 70 घंटे तक इंतजार करेंगे. हालांकि 70 घंटे का वक्त बीते काफी वक्त हो गया है लेकिन अभी भी प्रबंधकों की ओर से उनके शरीर को ना तो देखने दिया जा रहा है और ना ही कहा जा रहा है कि वो दुनिया छोड़ चुके हैं।
गौरतलब है कि आशुतोष महाराज का पंजाब में 65 आश्रमों के साथ देश भर में फैले करीब 350 आश्रमों के अलावा विदेशों में भी संस्थान के कई आश्रम हैं जिनके फोलोअर की संख्या करोड़ो में है।












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