'Lesbian Karva Chauth' AD: 'कभी सोचा नहीं था कि डाबर हिंदू विरोधी ताकतों का साथ देगी'
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर। डाबर कंपनी ने करवा चौथ पर जारी किया अपना विवादित एड वापस ले लिया है और उसने लोगों से माफी भी मांगी है लेकिन इस एड को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नही ले रहा है। लोग अब भी सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा निकाल रहे हैं और कह रहे हैं कि 'कभी सोचा नहीं था कि डाबर जैसी कंपनी हिंदू विरोधी ताकतों का साथ देगी।' कुछ लोगों ने तो डाबर को बॉयकाट करने की भी बात की है।

हिंदू रीति-रिवाजों को बदनाम क्यों कर रहे हैं?
तो कुछ लोगों ने लिखा है कि 'वे पश्चिमी विचारों को दिखाकर हिंदू रीति-रिवाजों को बदनाम क्यों कर रहे हैं? यह हमारी संस्कृति के खिलाफ है।' तो किसी यूजर ने लिखा है कि 'गैर-पारंपरिक संबंधों को स्वीकार करना अच्छा है, लेकिन फिर एक गलत परंपरा को बढ़ावा देना गलत है।' डाबर के खिलाफ लगातार लोगों की बयानबाजी जारी है।

क्या था विज्ञापन में?
एड में दिखाया गया है कि दो लड़कियां करवा चौथ के लिए तैयार हो रही हैं। ये विज्ञापन फेम ब्लीच का है। दोनों एक-दूसरे पूछती हैं कि वो किस लिए करवा चौथ का व्रत रख रही हैं। इनमें से एक कहती है कि 'उनकी खुशी के लिए' और एक कहती है कि 'उनकी लंबी उम्र के लिए'।'

दोनों 'लेस्बियन' थीं
इसी बीच दोनों के कमरे में सास आती हैं और दोनों को साड़ी देकर कहती हैं कि पहला करवा चौथ है, ये साड़ी पहनों और निखार और भी दिखेगा। इसके बाद दोनों महिलाओं को सजी-धजे रूप में छलनी से चांद देखते हुए दिखाया जाता है और जिसके बाद दोनों एक-दूसरे के चेहरे को देखती हैं और फिर एक-दूसरे को पानी पिलाती हैं जिससे क्लीयर हो जाता है कि दोनों 'लेस्बियन' हैं।

लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ
इस एड के खिलाफ केवल यूजर्स नहीं हैं। बल्कि इस विज्ञापन पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कानूनी कार्रवाई की बात भी कही थी। जिसके बाद डाबर ने अपने इस विवादास्पद विज्ञापन को वापिस ले लिया और उसने लोगों से माफी मांगी है लेकिन लोगों का गुस्सा इस बारे में शांत नहीं हुआ है।














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