Cyclone Shakti Alert: आ रहा है चक्रवात शक्ति, ओडिशा-बंगाल और बांग्लादेश में खतरे की घंटी, जानें कहां-कहां असर?
Cyclone Shakti Alert: क्या आप गर्मी की छुट्टियों में कहीं बाहर घूमने का प्लान बना रहे हैं? या मानसून के जल्दी आने की खुशी मना रहे हैं? तो थोड़ा रुकिए! क्योंकि मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। अंडमान सागर में बना एक चक्रवाती सिस्टम जल्द ही 'चक्रवात शक्ति' का रूप ले सकता है, और इसका असर सीधे ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के कई तटीय इलाकों पर पड़ सकता है।
भारतीय मौसम विभाग ने ओडिशा के पुरी, गंजाम, खुर्दा, जगतसिंहपुर और पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, कोलकाता क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया है। बांग्लादेश के चटगांव, कुलना, बरिसाल, भोल में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात की गति 120-140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही की आशंका है।

क्या है चक्रवात शक्ति और कब तक बनेगा?
- अभी स्थिति: अंडमान सागर में बना है एक ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण
- 16-22 मई: ये कम दबाव प्रणाली में बदल सकता है
- 23-28 मई: यह और तेज होकर बन सकता है चक्रवात शक्ति
- असर: ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश के खुलना और चटगांव पर सीधा असर संभव
किन इलाकों को है सबसे ज्यादा खतरा?
- तटीय ओडिशा और बंगाल: भारी बारिश, तेज हवाएं और तटीय बाढ़
- बांग्लादेश: खुलना और चटगांव क्षेत्रों में तेज तूफानी हवाएं
- दिल्ली-पंजाब-हरियाणा-हिमाचल: गरज और हल्की से मध्यम बारिश
- दक्षिण भारत: कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून बारिश
क्या है इसका मानसून पर असर?
- 2025 का मानसून इस बार 7 सालों में सबसे जल्दी आ गया है
- 13 मई तक यह बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में पहुंच चुका है
- अब यह चक्रवात मानसून के आगे बढ़ने में रुकावट भी बन सकता है या तेजी भी ला सकता है - यह इसकी दिशा और ताकत पर निर्भर करेगा
अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं तो ध्यान दें:
- फ्लाइट/ट्रेन का शेड्यूल चेक करें: मौसम के चलते देरी और रद्द होने की संभावना
- जरूरी सामान रखें: पानी, दवाएं, चार्जर, पावर बैंक, स्नैक्स साथ रखें
- फ्लैक्सिबल टिकट बुक करें: ताकि मौसम बिगड़ने पर बिना नुकसान के यात्रा टाली जा सके
- मौसम अपडेट पर नजर रखें: IMD की वेबसाइट या मौसम ऐप से अपडेट लेते रहें
- तटीय जगहों से बचें: छुट्टियों के लिए समुद्र किनारे का प्लान हो, तो अभी के लिए रुक जाइए
ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के प्रमुख तटीय इलाकों पर एक नजर...
ओडिशा के प्रमुख तटीय इलाके:
- पुरी (Puri) - जगन्नाथ मंदिर और समुद्र तट के लिए प्रसिद्ध
- गंजाम (Ganjam) - गोपालपुर समुद्र तट
- खुर्दा (Khurda) - भुवनेश्वर से सटा इलाका
- जगतसिंहपुर (Jagatsinghpur) - पारादीप बंदरगाह क्षेत्र
- केंद्रपाड़ा (Kendrapara) - भितरकनिका नेशनल पार्क, समुद्री इलाका
- भद्रक (Bhadrak) - धामरा पोर्ट
- बालासोर (Balasore) - चांदीपुर समुद्र तट, संवेदनशील इलाका
- नयागढ़ और मयूरभंज - आंशिक रूप से तटीय क्षेत्रों से प्रभावित हो सकते हैं
पश्चिम बंगाल के प्रमुख तटीय इलाके:
- दक्षिण 24 परगना (South 24 Parganas) - सुंदरबन डेल्टा, अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र
- उत्तर 24 परगना (North 24 Parganas) - बशीरहाट, हिंगलगंज
- पूर्व मेदिनीपुर (Purba Medinipur) - दीघा, मंदारमणि, ताजपुर
- हुगली डेल्टा के निचले इलाके - जलभराव और तूफान की चपेट में आते हैं
- कोलकाता - हालांकि पूरी तरह तटीय नहीं, लेकिन तूफानों से अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होता है
बांग्लादेश के प्रमुख तटीय इलाके:
- चटगांव (Chattogram) - सबसे बड़ा समुद्री बंदरगाह
- कुलना (Khulna) - सुंदरबन क्षेत्र के पास
- बरिसाल (Barisal) - निचला तटीय इलाका
- भोल (Bhola) - बार-बार चक्रवातों से प्रभावित
- नोखाली (Noakhali)
- कोक्स बाज़ार (Cox's Bazar) - विश्व प्रसिद्ध समुद्र तट, लेकिन तूफानों से संवेदनशील
- पातुआखाली (Patuakhali) और बागरहाट (Bagerhat)
- सतखीरा (Satkhira) - सुंदरबन से सटा, भारत सीमा के पास












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