Cyclone Ockhi: दक्षिण भारत का 'श्राप' बनेगा राजधानी दिल्ली के लिए 'वरदान'
नई दिल्ली। इस वक्त पूरा दक्षिण भारत चक्रवात 'ओखी' के आंतक और दर्द से पीड़ित है, इस तूफान की वजह से तमिलनाडु और केरल दोनों जगह जान-माल का भारी नुकसान हुआ है तो वहीं महाराष्ट्र और गुजरात दोनों जगह भी इसकी वजह से कष्ट में हैं लेकिन आपको जानकर हैरत होगी कि प्रकृति का ये श्राप अब राजधानी दिल्ली के लिए वरदान साबित हो सकता है, ये कहना हमारा नहीं बल्कि नासा के वैज्ञानिकों का है, जिन्होंने कहा है कि इस तूफान के कारण नई दिल्ली के लोगों को फायदा हो सकता है, जो कि इस वक्त प्रदूषण और स्मॉग की चपेट में हैं। अमेरिकी एजेंसी नासा के मुताबिक गुजरात और महाराष्ट्र में 'ओखी' का असर अब कम होगा लेकिन इसकी वजह से नई दिल्ली और उत्तरी भारत में अच्छी-खासी बारिश की संभावना है, जिससे राजधानी में धुंध खत्म होगी। नासा ने बकायदा एक तस्वीर जारी करते कहा है कि जो तूफान आ रहा है उसके कारण उत्तरी भारत में मौजूदा धुंध गायब हो सकती है।

मौसम विभाग
मालूम हो कि मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात की ताकत बुधवार को कम होती दिखाई दे रही है लेकिन इसके कारण गुजरात में भारी बारिश हो सकती है, जहां बारिश हो सकती है वो सूरत, नवसारी, वलसाड, भरूच, तापी, अमरेली, दीव, दमन समेत दक्षिण गुजरात के इलाके हैं। गुजरात के अलावा महाराष्ट्र में भी ठाणे, रायगढ़, ग्रेटर मुंबई समेत कुछ इलाकों में भी बारिश की संभावना है।

केरल और तमिलनाडु
आपको बता दें कि केरल और तमिलनाडु में चक्रवात 'ओखी' ने जमकर उत्पात मचाया है, इसके कारण अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है और 900 से ज्यादा मछुआरों का रेस्कूयू किया गया था। हालात अभी तो नियंत्रण में हैं लेकिन इसके कारण काफी आर्थिक नुकसान हुआ है , वैसे मौसम विभाग ने कहा था कि चक्रवात 6 दिसंबर को सुस्त पड़ जाएगा और उसकी बातें सच साबित होती भी दिख रही हैं।

चक्रवात का असर
इस चक्रवात का असर मुंबई में भी देखा गया, जहां के तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मालूम हो कि 'ओखी' 'तूफान एक सक्रिय उष्णकटिबंधीय चक्रवात हैं। जो कि अभी तक 'दक्षिणी क्षेत्र में सक्रिय था और 2015 के मेघ चक्रवात के बाद अरब सागर में मौजूद सबसे तीव्र है।

भारतीय नौसेना
2017 के उत्तर हिंद महासागर का सबसे तेज़ तूफान, ओखी 29 नवंबर को श्रीलंका के पास अशान्त मौसम के क्षेत्र से उत्पन्न हुआ हैं। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में फंसे मछुआरों के लिए एक खोज अभियान चलाया था ।

पाकिस्तान के तटीय इलाकों पर भी असर
केरल के एरनाकुलम जिले के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात से सबसे ज्यादा नुकसान है। चक्रवात का असर पाकिस्तान के तटीय इलाकों पर भी हो सकता है।
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