Cyclone Biparjoy Landfall: गुजरात में खतरनाक तूफान बिपरजॉय के लैंडफॉल पर क्या करें, IMD ने बताईं 10 बड़ी बातें
Cyclone Biparjoy Landfall: गुजरात के समुद्री तट से टकराने के बाद साइक्लोन बिपरजॉय के प्रभाव के कारण तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। गुजरात के तटीय इलाकों से पहले ही लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया है।
समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार चक्रवात बिपरजॉय के प्रभाव से गुजरात में 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरी रात चक्रवात के प्रभाव के कारण बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा।

किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए आपदा और राहत दल तैयार हैं। मौसम विभाग के प्रमुख डॉ मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि साइक्लोन गुजरात से अभी भी 70 किलोमीटर दूर है, लेकिन लैंडफॉल शुरू हो चुका है और तूफान तट की तरफ बढ़ रहा है।
जानिए 10 बड़ी बातें--
मौसम विभाग के अनुसार बिपरजॉय श्रेणी-3 का "बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान" है। 115-125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। IMD के अपडेट पर नजर बनाएं रखें।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 18 टीमें, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 12, राज्य सड़क और भवन विभाग की 115 टीमें और राज्य बिजली विभाग की 397 टीमें तटीय जिलों में काम कर रही हैं। किसी भी स्थिति में मदद के लिए इनसे संपर्क करें।
चक्रवात का केंद्र जिसे आंख यानी Eye भी कहा जाता है, 50 किमी चौड़ा है। रात 10 बजे के आसपास गुजरात के तट से टकराने की आशंका के बीच मौसम विभाग प्रमुख डॉ महापात्र ने बताया, हवा की गति लगभग 60 से 80 किमी प्रति घंटे है, चक्रवात का लैंडफॉल पूरा होने के साथ हवा की गति और बढ़ेगी।
Recommended Video
गुजरात के भुज और कच्छ में तेज हवा चल रही है और तटीय इलाकों में हाई टाइड आ गया है। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण द्वारका, मांडवी और मोरबी भी प्रभावित हुए हैं। मुंबई से भी ऊंची ज्वार की लहरें और तेज हवाओं की खबरें आई हैं।
चक्रवात के दस्तक देने से पहले करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें तट के 10 किमी के दायरे में रहने वाले लगभग 20 गांवों के लोग शामिल हैं। CM भूपेंद्र पटेल खुद कर रहे बैठकें।
NDRF के महानिदेशक अतुल करवाल के अनुसार, चक्रवात के गुजरात में लैंडफॉल के बाद पैदा होने वाली स्थिति से निपटने के लिए बचाव दल पूरी तरह तैयार है। गुजरात के पड़ोसी राज्य राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक ने भी मदद मांगी है। उन्होंने कहा, "दक्षिण राजस्थान में बड़े प्रभाव की आशंका है।"
रक्षा मंत्रालय ने कहा, चुनौतीपूर्ण परिस्थिति पैदा होने पर आम लोगों की मदद के लिए सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तट रक्षक दल भी मुस्तैद हैं।लोगों की मदद के लिए जरूरी तैयारियां हो चुकी हैं।
समुद्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों को शुक्रवार तक निलंबित कर दिया गया है। बंदरगाह बंद हैं। जहाजों के लंगर डाल दिए गए हैं। पश्चिम रेलवे ने कहा कि एहतियात के तौर पर 76 ट्रेनों को रद्द किया गया है।
गुरुवार को दो प्रसिद्ध मंदिर - देवभूमि द्वारका में द्वारकाधीश मंदिर और गिर सोमनाथ जिले में सोमनाथ मंदिर - श्रद्धालुओं के लिए बंद रखे गए। जामनगर हवाई अड्डे पर वाणिज्यिक संचालन शुक्रवार तक के लिए निलंबित।
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कहा कि आपात स्थिति में हवाईअड्डे को संचालित करने के लिए आवश्यक डीजल और पेट्रोल का भंडारण कर लिया गया है। सभी विभाग समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्यों के लिए मुस्तैद हैं।












Click it and Unblock the Notifications