Cyclone Amphan: जानिए क्या होता है लैंडफॉल, क्यों है ये NDRF के लिए चिंता का विषय?

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अम्फान' ओडिशा तट के करीब पहुंच गया है, यह आज दोपहर तक पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हादिया में टकरा सकता है, इसका असर भी दिखना शुरू हो गया है, राज्य के कई इलाकों में बारिश भी शुरू हो गई है, तो वहीं ओडिशा के प्रभावित 13 जिलों से करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है, चक्रवात के कारण इन राज्यों में तेज रफ्तार हवाएं चल रही हैं।

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    Cyclone Amphan : अम्फान तूफान का Landfall, NDRF लैंडफॉल को लेकर चिंतित | IMD | वनइंडिया हिंदी
     चिंता का विषय लैंडफॉल है

    चिंता का विषय लैंडफॉल है

    एनडीआरएफ डीजी एसएन प्रधान ने कहा कि ओडिशा सरकार के मुताबिक करीब 1.5 लाख लोगों को निकाला गया है और इससे बालासोर, भद्रक जिले होंगे, चिंता का विषय यह है कि लैंडफॉल किस गति से होगा यह अभी बताया नहीं जा सकता है, बंगाल और ओडिशा दोनों राज्यों में कुल 41 टीमें तैनात की गई हैं, 20 टीमें ओडिशा में तैनात की गई हैं और 19 पश्चिम बंगाल में जबकि 2 टीमें स्टैंडबाय पर हैं।

    जानिए क्या है लैंडफॉल ?

    जानिए क्या है लैंडफॉल ?

    भूस्खलन एक भूवैज्ञानिक घटना है, धरातली हलचलों जैसे पत्थर खिसकना या गिरना, पथरीली मिटटी का बहाव, इत्यादि इसके अंतर्गत आते है, भू-स्खलन कई प्रकार के हो सकते हैं और इसमें चट्टान के छोटे-छोटे पत्थरों के गिरने से लेकर बहुत अधिक मात्रा में चट्टान के टुकड़े और मिटटी का बहाव शामिल हो सकता है और इसका विस्तार कई किलोमीटर की दूरी तक हो सकता है, चक्रवात, भारी बारिश, बाढ़ या भूकंप के आने से भूस्खलन होता है।

    भूस्खलन के वक्त क्या करें

    भूस्खलन के वक्त क्या करें

    • मौसम की जानकारी से हमेशा अपडेट रहें।
    • रेडियो, टीवी या इंटरनेट से मौसम की जानकारी प्राप्‍त करें और उसी के आधार पर ही पहाड़ों की सैर करने की योजना बनायें।
    • ऐसे इलाके जहां भूस्खलन की घटनाएं होती रहती हैं, ऐसे स्थानों से दूरी बनाये रखें।
    • घर के आस-पास के नाले-नालियों को साफ रखें, नियमित रूप से चेक करते रहें कि नालों में पत्ते, कूड़ा या पत्थरों का ढेर तो नहीं फंसा है।
    • घर के आस-पास ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगायें क्योंकि पेड़ की जड़ें मिट्टी को पकड़ कर रखती हैं।
    • ऐसी जगह की पहचान कर लें जहां पर चट्टान के टूटने का खतरा हो, उससे दूर रहें।
    • अगर आपको भूस्खलन के होने का जरा भी आभास हो, तो तुरंत जिला प्रशासन को सूचना दें।
    • अगर आपको पेड़ या चट्टान के टूटने, चिटकने आदि की आवाज सुनायी दे, तो तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करें।
    • अगर आप भूस्खलन के बीच फंस गये हैं, तो जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर जाने के प्रयास करें।
    • बेहतर होगा अगर आपलोग अपने परिवार के साथ रहें, अकेले नहीं।
    • आपको यह सीखना चाहिये कि आपदा के वक्त हेलीकॉप्टर या बचाव दल से संपर्क कैसे साधते हैं।
    भूस्खलन के वक्त क्या न करें

    भूस्खलन के वक्त क्या न करें

    • ढलान वाली घाटियों में ज्यादा समय मत बिताएं।
    • जिन इलाकों में भूस्खलन का खतरा है, वहां निर्माण कार्य कतई मत करें।
    • भूस्खलन के वक्त रोने की जरूरत नहीं और ऊहापोह में ऊर्जा को नष्ट मत करें।
    • किसी पदार्थ, या बिजली के उपकरणों को हाथ मत लगाएं।

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