Cyber Crime: डिजिटल 'खच्चरों' की टूटी कमर! 4.5 लाख खाते फ्रीज, किस-किस बैंक में हो रहा था धन काले से सफेद?
Mule Accounts Frozen: भारत सरकार ने साइबर अपराधों के लिए इस्तेमाल हो रहे करीब 4.5 लाख "खच्चर या म्यूल" बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इन खातों का उपयोग साइबर ठगों द्वारा धोखाधड़ी से धन सफेद करने के लिए किया जा रहा था।
सबसे ज्यादा खच्चर खाते भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), केनरा बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक में पाए गए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या हैं खच्चर खाते? कैसे करते हैं काम? कौन-कौन से बैंक हुए शिकार?

क्या हैं "खच्चर" खाते?
"खच्चर खाते" वे बैंक खाते होते हैं जो किसी अन्य व्यक्ति के केवाईसी दस्तावेजों का उपयोग करके खोले जाते हैं और जिनमें जालसाज गलत तरीकों से पैसा स्थानांतरित और निकालते हैं। इन खातों का उपयोग चेक, एटीएम और डिजिटल भुगतान माध्यमों से किया जाता है, ताकि असली जालसाज अपनी पहचान छिपा सकें।
खच्चर खाते से जुड़ी कुछ और बातें...
- खच्चर खाता, मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया का हिस्सा होता है। इसे प्लेसमेंट कहा जाता है।
- खच्चर खाते को खोलने के लिए, किसी व्यक्ति की असली जानकारी का इस्तेमाल किया जाता है या फिर नकली पहचान बनाई जाती है। एक बार जब खच्चर खाता खुल जाता है, तो उसमें पैसे जमा कर दिए जाते हैं।
- इसके बाद, खच्चर को निर्देश मिलते हैं कि पैसे को कहां और कैसे भेजना है।
- खच्चर, पैसे को दूसरे खाते में भेज सकता है या फिर उन्हें नकदी के रूप में निकालकर कहीं और जमा कर सकता है।
- खच्चर खाते का पता लगाने के लिए, खाते की गतिविधि को स्कैन करने वाले उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।
किस बैंक में कितने खच्चर खाते ?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न बैंकों में खच्चर खातों की संख्या कुछ इस प्रकार है...
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI): 40,000 खाते
- पंजाब नेशनल बैंक (PNB): 10,000 खाते
- केनरा बैंक: 7,000 खाते
- कोटक महिंद्रा बैंक: 6,000 खाते
- एयरटेल पेमेंट्स बैंक: 5,000 खाते
साइबर अपराध के खिलाफ सरकारी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, साइबर अपराधों पर नजर रखने वाला "भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C)" नियमित रूप से ऐसी शिकायतों पर निगरानी रखता है। I4C और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में इस समस्या और बैंकिंग प्रणाली में मौजूद कमियों पर चर्चा की गई। पीएमओ के अधिकारियों को बताया गया कि सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों को खच्चर खातों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
एयरटेल पेमेंट्स बैंक का जवाब
एयरटेल पेमेंट्स बैंक के प्रवक्ता ने बताया कि उनका बैंक एक कम जोखिम वाला बैंक है, जो मुख्य रूप से छोटी बचत खाता सेवाएं प्रदान करता है। प्रवक्ता ने कहा कि बैंक खच्चर खातों का खतरा कम करने के लिए अपने सिस्टम में अत्याधुनिक AI/ML मॉडल और फेस मैच तकनीक का उपयोग कर रहा है। एयरटेल पेमेंट्स बैंक ग्राहकों को चालू खाता या चेक बुक जैसी सुविधाएं नहीं देता, जो धोखाधड़ी की संभावनाओं को कम करता है।
17,000 करोड़ रुपये की ठगी
खच्चर खातों से जुड़ी धोखाधड़ी से बैंकों और ग्राहकों को वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के अनुसार, जनवरी 2023 से अब तक करीब 1 लाख साइबर शिकायतें दर्ज की गई हैं, और इस प्रकार की धोखाधड़ी में लगभग 17,000 करोड़ रुपये की ठगी हुई है।
भविष्य की रणनीति
सरकार ने बैंक प्रबंधकों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने का निर्णय लिया है, जो ऐसे खाते खोलने में सहायक हो सकते हैं। साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्रीय वित्त मंत्रालय को इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की यह सख्त कार्रवाई बैंकों को उनकी सुरक्षा प्रणाली मजबूत करने और खच्चर खातों को रोकने के लिए प्रेरित कर सकती है, जिससे साइबर अपराधियों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी।












Click it and Unblock the Notifications