साउथ कश्मीर जहां हिजबुल आतंकियों के नाम पर क्रिकेट टीमें!
श्रीनगर। कश्मीर का दक्षिणी कश्मीर वह हिस्सा है जहां से इन दिनों भारी संख्या में युवा आतंकी संगठनों को ज्वॉइन कर रहे हैं। दिलचस्प बात है कि दक्षिण कश्मीर में क्रिकेट युवाओं का पसंदीदा शगल है और यहां पर जो क्रिकेट टीमें हैं उनके नाम हिजबुल आतंकियों के नाम पर हैं। सिर्फ इतना ही नहीं यहां पर आतंकियों ने युवाओं का दिल जीतने के लिए कई तरह के क्रिकेट टूर्नामेंट्स तक ऑर्गनाइज कराए हैं।

बुरहान लॉयंस और खालिद आर्यंस
कश्मीर के पुलवामा के त्राल में पिछले दिनों एक बड़ा क्रिकेट टूर्नामेंट हुआ। यह टूर्नामेंट खालिद मुजफ्फर वानी की याद में ऑर्गनाइज हुआ था। इस टूर्नामेंट में जो टीमें मौजूद थीं उनके नाम थे, आबिद खान कलंदर्स, खालिद आर्यंस और बुरहान लॉयंस।
बुरहान वानी के नाम पर
बुरहान लॉयंस का नाम बुरहान वानी के नाम पर रखा गया था। बुरहान पिछले कुछ वर्षों में साउथ कश्मीर का एक बड़ा नाम बन गया था। पिछले एक वर्ष से बुरहान मोस्ट वांटेड था और पिछले दिनों उसे मार गिराया गया।
आबिद खान पर आबिद कलंदर्स
आबिद खान कलंदर्स का नाम हिजबुल के और कमांडर आबिद खान के पर रखा गया था। आबिद को वर्ष 2014 में एनकाउंटर में मार दिया गया था। इस एनकाउंटर में इंडियन आर्मी के एक कर्नल भी शहीद हो गए थे।
वानी के भाई के नाम पर टीम
खालिद आर्यंस नाम बुरहान के भाई पर रखा गया था। पिछले वर्ष एक एनकाउंटर में मारा गया था। खलिद त्राल के जंगलों से होता हुआ बुरहान से मिलने जा रहा था।
दो माह का टूर्नामेंट
जो टूर्नामेंट त्राल में हुआ था वह करीब दो माह तक चला था। पहला मौका था जब इतने बड़े स्तर पर किसी क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हुआ और जिसमें करीब 16 टीमों ने शिरकत की थी। यहां तीन टीमों के नाम आतंकियों के नाम पर थे तो बाकी टीमों के नाम आईपीएल और पाक की क्रिकेट लीग में शामिल टीमों की तर्ज पर थे।
1000 से ज्यादा दर्शक
त्राल के ईदगाह मैदान पर यह टूर्नामेंट हुआ था और इस टूर्नामेंट में 1000 से ज्यादा लोगों ने बतौर दर्शक शिरकत की थी। शुरुआत में इंडियन आर्मीऔर जम्मू कश्मीर पुलिस को इस टूर्नामेंट को लेकर काफी आशंकाएं थीं लेकिन बाद में सुरक्षाबल इससे दूर रहे। आर्मी और पुलिस के मुताबिक वह इस टूर्नामेंट को शांति के साथ होने देना चाहते थे।
20 वर्षों से चल रहा है ट्रेंड
घाटी में पिछले 20 वर्षों से कई ऐसे क्रिकेट टूर्नामेंट्स और दूसरे स्पोर्ट्स इवेंट्स का आयोजन हो रहा है जिनका नाम किसी मारे जा चुके आतंकी या फिर किसी अलगाववादी नेता के नाम पर होता है।
हुर्रियत कांफ्रेंस के चेयरमैन मीरवाइल उमर फारुक के पिता मीरवाइज मोहम्मद फारुक के नाम पर शहीद-ए-मिलात नामक क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित होता है।
जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के फाउंडर मोहम्मद मकबूल भट्ट के नाम पर यहां घाटी में एक फुटबॉल क्लब बनाया गया था। भट्ट को वर्ष 1984 में तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई थी।












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