Covid 19: PM मोदी के संबोधन पर कांग्रेस का तीखा वार, कहा- 'देश कोरा संबोधन नहीं, ठोस समाधान चाहता है'
नई दिल्ली। कोरोना को लेकर कोई ढिलाई ना बरतने की अपील मंगलवार को पीएम मोदी ने देश की जनता से की है, इसके लिए उन्होंने कल शाम 6 बजे देशवासियों को संबोधित भी किया था लेकिन इस बाद कांग्रेस ने पीएम मोदी पर बड़ा हमला बोला है, पार्टी ने कहा कि महामारी से निपटने के लिए देश को जुमलों की नहीं बल्कि ठोस समाधान की जरूरत है। पीएम मोदी के संबोधन के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि तुलसीदास जी ने कहा है-:"पर उपदेश कुशल बहुतेरे,जे आचरहिं ते नर न धनेरे!"उपदेश देना आसान है, कहे पर अमल कीजिए। देश कोरे संबोधन नहीं, ठोस समाधान चाहता है।
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इसके बाद सुरजेवाला और कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संयुक्त बयान जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी कृपया देश को बताएं कि महामारी कैसे नियंत्रित होगी और गिरती अर्थव्यवस्था कैसे संभलेगी? , क्या उनके पास कोई समाधान है या इसके लिए भगवान को दोष देंगे और केवल दोहे ही सुनाएंगे, कोरोना की जंग के बीच हमारा नेता गायब रहता है और अचानक से टीवी पर उपदेश देने आ जाता है, सुरजेवाला ने कहा कि 18 मार्च के संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था कि महाभारत का युद्ध 18 दिन चला था, हम 21 दिन में कोरोना से जीत जाएंगे। आज 210 दिन बाद भी लड़ाई जारी है और लोगों की जान जा रही है लेकिन पीएम मोदी कुछ अलग ही सुर अलाप रहे हैं।

गौरतलब है कि अपने संबोधन में कल पीएम मोदी ने कहा है कि आज देश में रिकवरी रेट अच्छी है, मृत्यु दर कम है। दुनिया के साधन-संपन्न देशों की तुलना में भारत अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों का जीवन बचाने में सफल हो रहा है। कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में टेस्ट की बढ़ती संख्या हमारी एक बड़ी ताकत रही है। सेवा परमो धर्म: के मंत्र पर चलते हुए हमारे doctors, nurses, health workers इतनी बड़ी आबादी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। इन सभी प्रयासों के बीच, ये समय लापरवाह होने का नहीं है। ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया, या फिर अब कोरोना से कोई खतरा नहीं है।

समय के साथ आर्थिक गतिविधियों में भी धीरे-धीरे तेजी नजर आ रही है। हम में से अधिकांश लोग, अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए, फिर से जीवन को गति देने के लिए, रोज घरों से बाहर निकल रहे हैं। त्योहारों के इस मौसम में बाजारों में भी रौनक धीरे-धीरे लौट रही है। लेकिन हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है।












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