#MeToo: एमजे अकबर के मानहानि के मुकदमे की कल पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई

नई दिल्ली। मीटू मूवमेंट के तहत यौन उत्पीड़न के आरोपों में फंसे विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने बुधवार को पद से इस्तीफा दे दिया। एमजे अकबर पर पत्रकार प्रिया रमानी समेत कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। वहीं एमजे अकबर में प्रिया रमानी के खिलाफ दिल्ली के पटियाला कोर्ट में आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इस मामले पर एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कल इस मामले की सुनवाई करने करने वाली है।

पत्रकार प्रिया रमानी के पक्ष में 17 महिला पत्रकार गवाही देने के लिए आगे आईं

पत्रकार प्रिया रमानी के पक्ष में 17 महिला पत्रकार गवाही देने के लिए आगे आईं

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पटियाला हाउस कोर्ट एडीशनन चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल कल एमजे अकबर की मानहानि शिकायत सुनेंगे। वहीं इस मामले में पत्रकार प्रिया रमानी के पक्ष में 17 महिला पत्रकार गवाही देने के लिए आगे आई हैं। ये सभी महिलाएं प्रिया रमानी के साथ एशियन ऐज समाचार पत्र में काम करती थीं। जब एम अकबर वहां पर एडिटर थे।अकबर की ओर से रमानी को मानहानि का नोटिस भेजे जाने पर इन महिला पत्रकारों ने एक संयुक्त बयान में रमानी का समर्थन करने की बात कही और अदालत से आग्रह किया कि अकबर के खिलाफ उन्हें भी सुना जाए।

रमानी ने अकबर के इस्तीफे पर खुशी जताई

रमानी ने अकबर के इस्तीफे पर खुशी जताई

वहीं रमानी ने अकबर के इस्तीफे पर खुशी जताई है। रमानी ने ट्वीट कर लिखा, एक महिला होने के नाते मुझे एमजे अकबर के इस्तीफे से सुकून मिला है। मुझे उम्मीद है कि हमें अदालत में भी न्याय मिलेगा।' इसी बीच मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने एमजे अकबर के इस्तीफे पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, एमजे अकबर ने इस्तीफा देकर सही फैसला लिया है। उनके ऊपर लगे आरोपों की सही से जांच होनी चाहिए।

प्रिया रमानी के खिलाफ सोमवार को आपराधिक मानहानि का मुकदमा कर दिया था

प्रिया रमानी के खिलाफ सोमवार को आपराधिक मानहानि का मुकदमा कर दिया था

रविवार को स्वदेश लौटने के बाद अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोप को पूरी तरह से झूठ करार दिया था और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकारों में से एक प्रिया रमानी के खिलाफ सोमवार को आपराधिक मानहानि का मुकदमा कर दिया था। अकबर के खिलाफ खुलकर सामने आनेवाली पत्रकारों में फोर्स पत्रिका की कार्यकारी संपादक गजाला वहाब, अमेरिकी पत्रकार मजली डे पय कैंप और इंग्लैंड की पत्रकार रूथ डेविड शामिल हैं।

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