शब्बीर शाह और असलम वानी के खिलाफ अदालत ने आरोप किए तय
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को 2005 के कथित आतंकवादी वित्तपोषण के मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह और हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग के आरोप तय किए हैं। इससे पहले 23 सितंबर को इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने आज चार्जशीट फाइल की थी । अपनी चार्जशीट में ED ने कहा था कि शब्बीर को जम्मू-कश्मीर और भारत के अन्य हिस्सों में पाकिस्तान से आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आतंकवादी संगठनों से पैसा हासिल किया। चार्जशीट में आरोप है कि वो स्थानीय लोगों और उसके करीबी सालाना 8-10 लाख रुपए सालाना दान देते हैं।

ईडी की ओर से दाखिल किए गए चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि शब्बीर शाह ने स्वीकार किया कि वो कश्मीर के मुद्दे पर फोन पर हाफिज सईद से बात करता है।उसने हाल ही में सईद से जनवरी 2017 में बात की थी। ED ने अलगाववादी नेता शब्बीर शाह के खिलाफ दिल्ली कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया। उस पर धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। असलम वानी ने दिल्ली में शब्बीर शाह की ओर से हवाला की डिलीवरी का खुलासा किया। जिसे वो पाकिस्तानी हवाला शफी शायर से पाता था। बता दें कि शब्बीर शाह को ईडी ने 2005 के एक मामले में गिरफ्तार किया है जिसमें शाह पर एक आतंकवादी को 2.25 करोड़ रुपये देने का आरोप है।
बुधवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा ने शाह और वानी पर अदालत ने 700 से अधिक पृष्ठ चार्जशीट का संज्ञान लिया जिसमें 19 लोगों की गवाही दर्ज है। ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दायर की गई चार्जशीट में, शाह के वक्तव्यों को प्रस्तुत किया था जिसमें शाह ने जांचकर्ताओं से कथित तौर पर बताया था उसके पास अपनी आय का कोई स्रोत नहीं है और ऐसे में वो अपनी आय के संबंध में कोई आईटीआर फाइल नहीं करता है।












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