रूस से इस महीने आएंगी स्पुतनिक वैक्सीन की 30 लाख खुराक, अगस्त से भारत में ही शुरू हो जाएगा प्रोडक्शन
रुस से इस महीने आएंगी स्पुतनिक वैक्सीन की 30 लाख खुराक, अगस्त से भारत में ही शुरू हो जाएगा प्रोडक्शन
सेंट पीटर्सबर्ग, 22 मई: देश में चल रहे कोरोना टीकाकरण अभियान में लगातार वैक्सीन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में राहत की बात ये है कि रूस से कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-वी की बड़ी खेप भारत को मिलने जा रही है। रूस में भारत के राजदूत डी बाला वेंकटेश वर्मा ने जानकारी दी है कि इसी महीने, यानी मई के आखिर तक स्पुतनिक- वी की 30 लाख डोज रूस से भारत पहुंच जाएंगी। वहीं जून में डोज की संख्या और बढ़ा दी जाएगी।
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डी बाला वेंकटेश वर्मा ने शनिवार को सेंट पीटर्सबर्ग में कहा, हमें उम्मीद है कि स्पुतनिक वैक्सीन की 30 लाख डोज भारत को इस महीने और 50 लाख डोज जून में मिल जाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अगस्त से भारत में ही स्पुतनिक-वी का प्रोडक्शन भी शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत में स्पुतनिक का प्रोडक्शन तीन फेज में होगा। सबसे पहले रूस से तैयार कुछ वैक्सीन भारत भेजी जाएगी, जिसकी आपूर्ति पहले ही शुरू हो चुकी है। दूसरे चरण में आरडीआईएफ बड़ी ताताद में वैक्सीन भारत भेजेगा। यह उपयोग के लिए तैयार होगी लेकिन इसे बोतलों में भारत में ही भरा जाएगा। तीसरे चरण में रूस भारतीय कंपनी को टेक्नोलॉजी का ट्रांसफर करेगी, जिसके बाद वहीं (भारत) इसका उत्पादन शुरू हो जाएगा। तीनों चरणों को मिलाकर भारत को स्पुतनिक वैक्सीन की 85 करोड़ से ज्यादा डोज मिलेंगी।
बाला वेंकटेश वर्मा ने कहा है कि मौजूदा प्लान यह है कि फाइनली भारत में 85 करोड़ से ज्यादा स्पुतनिक वैक्सीन तैयार होंगी। यानी दुनिया में स्पुतनिक की 65-70 फीसदी डोज भारत में उत्पादित की हुई होंगी। वेंकटेश वर्मा ने ये भी कहा है कि सिंगल डोज वाली 'स्पुतनिक लाइट' के लिए भी रूस ने प्रस्ताव दिया है। भारत में अभी इसे मंजूरी मिलनी बाकी है।
भारत में स्पुतनिक-वी वैक्सीन का आयात हैदराबाद की कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरी कर रही है। कंपनी को वैक्सीन की शुरुआती खेप मिल चुकी है। हालांकि अभी यह वैक्सीन सिर्फ कुछ प्राइवेट अस्पतालों में ही उपलब्ध है। अभी तक देश में भारत बायोटेक की स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट में बन रही ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड का इस्तेमाल हो रहा है। स्पुतनिक देश में इस्तेमाल होने वाली कोरोना की तीसरी वैक्सीन है।












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