कोरोना वैक्सीन के आने से पहले चीन में मची खरीदने की होड़, मंडराए कालाबाजारी के संकट
नई दिल्ली। कोरोना वायरस की कई वैक्सीन जल्द ही बाजार में उपलब्ध होंगी। लेकिन चीन में कोरोना वैक्सीन को लेकर अलग ही होड़ चल रही है। लोग जल्दी से जल्दी कोरोना वायरस का टीका लगवाना चाहते हैं। इस होड़ के चलते चीन में कोरोना वायरस की वैक्सीन के कालाबाजारी का खतरा मंडरा रहा है। ब्लूमबर्ग में छपी खबर के मुताबिक, अमेरिकी ट्रिप पर जाने से पहले चीनी नागरिक चेंग कोविड-19 का टीका लगवाना चाहते हैं। ऐसा करने के लिए उन्होंने दक्षिणपूर्व चीन स्थित कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स में काम करने वाले दोस्त से कहा है कि, वह उन्हें कंपनी का कर्मचारी बताकर वैक्सीन दिलवा दे।

बीजिंग के कारोबारी चेंग अब गुआंडोंग प्रांत जाना चाहते हैं और सिनोफार्म द्वारा बनाई गई वैक्सीन के दो डोज के लिए 91 डॉलर (करीब 6700 रुपए) खर्च करने को तैयार हैं। कोरोना को लेकर दुनियाभर में बनाई गई कोरोना वैक्सीन की रेस में सिनोफार्म रेस में अहम खिलाड़ियों में शामिल है। चेंग ने बताया कि, वैक्सीन के लिए आप केवल 'अलीपे' के जरिए पैसा भेज सकते हैं। लेकिन आपको इसकी डीटेल नहीं दी जाती है, क्योंकि ये एक काला बाजार है।
चीन में इन दिनों कोरोना वैक्सीन के लिए इसी तरह होड़ मची हुई है। जुलाई में आपातकालीन मंजूरी हासिल करने वाली वैक्सीन कंपनी ने अब सरकार से बाजार में टीका बेचने की इजाजत मांगी है, लेकिन इससे पहले ही इसकी कालाबाजारी शुरू होने की चिंता बढ़ गई है। अभी यह टीका केवल फ्रंट लाइन वर्कर्स को दिया जा रहा है। इनमें स्वास्थ्यकर्मी, कोविड-19 मरीजों की देखभाल में जुटे लोग और पोर्ट कर्मचारी शामिल हैं।
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ब्लूमबर्ग ने करीब एकदर्जन ऐसे लोगों से बात की जिन्होंने खुद नियमों का उल्लंघन करके टीका लगवाया है या वे ऐसे लोगों को जानते हैं, जिन्होंने मंजूरी से पहले टीका लिया है। पश्चिमी देशों की अग्रणी कंपनियों के उलट चाइनीज वैक्सीन उत्पादकों ने अभी तक फेज 3 ट्रायल का डेटा जारी नहीं किया है।
लंदन स्थित ट्रांसपेरेन्सी इंटरनेशनल हेल्थ इनीशिटिव के डायरेक्टर रशेल कूपर ने कहा, ''इस बात की काफी संभावना है कि वैक्सीन पहले उन्हें मिल जाए जिनके संपर्क अच्छे हैं। उन्होंने कहा, महामारी से पहले लोग अक्सर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए घूस देते थे या व्यक्तिगत संबंधों का इस्तेमाल करते थे। रेग्युलेटर से अंतिम मंजूरी मिलने से पहले ही चीन में इमर्जेंसी प्रोग्राम के तहत हजारों लोगों को टीका लगाया जा चुका है।












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