कैसे होगा कोरोना कंट्रोल? 58 फीसदी जिलों में वैक्सीन कवरेज 10% से भी कम, यूपी-बिहार सबसे पीछे
उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में कई जिलों ने अपनी आबादी का 10 फीसदी से भी कम टीकाकरण किया है।
नई दिल्ली। देश के अलग-अलग राज्यों में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर कोहराम मचा रही है। कोरोना वायरस के लगातार बढ़ रहे संक्रमण से स्थिति इस कदर खराब है कि कई बड़े राज्यों के अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो गया है। वहीं, कोरोना वायरस पर नियंत्रण के लिए एक बड़ी उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा टीकाकरण अभियान भी फिलहाल बेहद धीमी गति से चलता हुआ नजर आ रहा है। हालात ये हैं कि कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान के शुरू होने के तीन महीने बाद भी देश के कई राज्यों में वैक्सीन देने का काम लक्ष्य से काफी दूर है।
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37 जिलों में 20 फीसदी लोगों को वैक्सीन की एक डोज
इंडिया टुडे की एक खास रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक देश के 726 जिलों में से महज 37 जिलों (5 फीसदी) के अंदर केवल 20 फीसदी या उससे ज्यादा लोगों को ही कोरोना वायरस वैक्सीन की एक डोज दी गई है। कोविन ऐप से मिले आंकड़ों के मुताबिक, जिन दो जिलों में कोरोना वायरस वैक्सीन देने का काम सबसे ज्यादा तेजी से चल रहा है, वो पुडुचेरी का माहे और गुजरात का जामनगर जिला हैं। डेटा से पता चलता है कि ये दोनों जिले कोरोना वायरस की कम से कम एक डोज के मामले में करीब एक तिहाई आबादी को कवर कर चुके हैं।

58 फीसदी जिलों में कवरेज 10 प्रतिशत से भी कम
हालांकि, बड़ी संख्या में देश के कई जिले ऐसे हैं, जहां कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान की रफ्तार उम्मीद से काफी पीछे है। आंकड़ों के मुताबिक, देश के करीब 58 फीसदी जिलों में वैक्सीन कवरेज 10 प्रतिशत से भी कम है। इसके अलावा 37 फीसदी अन्य जिले ऐसे हैं, जहां अभी तक 10 से 20 फीसदी लोगों को ही वैक्सीन दी गई है। कर्नाटक का बीजापुर और असम में दक्षिण सालमारा सबसे कम वैक्सीन कवरेज वाले जिलों में शामिल हैं।

इन राज्यों में बेहद धीमी है टीकाकरण की रफ्तार
कोविए ऐप के डेटा से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में कई जिलों ने अपनी आबादी का 10 फीसदी से भी कम टीकाकरण किया है। हालांकि, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और केरल के ज्यादातार जिलों में वैक्सीन कवरेज 10 फीसदी से ऊपर है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में दुनिया में अमेरिका के बाद भारत दूसरा सबसे प्रभावित देश है। भारत में कोरोना वायरस के कुल केस 2 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुके हैं।

कई राज्यों ने उठाया वैक्सीन की कमी का मुद्दा
आपको बता दें कि कोरोना वायरस महामारी पर नियंत्रण के लिए हाल ही में केंद्र सरकार ने 18 साल से ऊपर की उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन देने का बड़ा ऐलान किया था। हालांकि वैक्सीन की कमी के चलते कई राज्यों में टीकाकरण अभियान की रफ्तार पर ब्रेक लगा हुआ है। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि किसी भी बड़े अभियान को पूरी तरह से रफ्तार पकड़ने में थोड़ा वक्त लगता है और टीकाकरण कार्यक्रम धीरे-धीरे तय लक्ष्य को हासिल कर लेगा।












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