परीक्षाओं को लेकर सरकार की गाइडलाइन जारी, जानिए कैसे छात्रों को मिलेगी एंट्री
नई दिल्ली। देश में कोरोना का कोहराम लगातार जारी है। हर रोज कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कोरोना के बीच आयोजित हो रही परीक्षाओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों के मन में काफी डर है। इसी के चलते छात्र जेईई और नीट की परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षाओं को आयोजित करने की अनुमति दे दी है क्योंकि अदालत का कहना है कोरोना वायरस 1 साल तक भी रह सकता है, परीक्षा रद्द करने से छात्रों का साल बर्बाद हो सकता है। जेईई मेन परीक्षा बीते दिन 1 सितंबर से शुरू हो गई हैं, जो 6 सितंबर तक चलेंगी। नीट परीक्षा 13 सितंबर को होगी। कोरोना वायरस के बीच हो रही परीक्षाओं के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाइडलाइन्स जारी की हैं, ताकी छात्र, फैकल्टी और सभी संबंधित लोग कोरोना से सुरक्षित रह सकें।
ये हैं वो गाइडलाइन
- गाइडलाइन के मुताबिक परीक्षा केंद्र के भीतर ऐसे कर्मचारियों और छात्रों को आने की अनुमति दी जाएगी, जिनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं। इसमें कहा गया कि मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
- सभी को परीक्षा केंद्र के अंदर हर वक्त मास्क लगाना होगा या चेहरा ढकना होगा।
- संबंधित अधिकारियों को परीक्षा कार्यक्रम की योजना क्रमबद्ध तरीके से बनानी होगी ताकि किसी भी दिन परीक्षा केंद्र पर ज्यादा भीड़भाड़ न होने पाए।
- निरूद्ध क्षेत्रों में आने वाले परीक्षा केंद्रों को कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, परीक्षा संचालन अधिकारियों या परीक्षा केंद्रों को छात्रों और कर्मचारियों के लिए फेस कवर अथवा मास्क, सेनिटाइजर, साबुन, सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल आदि की उचित व्यवस्था मुहैया करानी चाहिए।
- दिशानिर्देशों में कहा गया, "परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय परीक्षा पदाधिकारी और परीक्षार्थियों को अपने स्वास्थ्य के संबंध में स्व घोषणा पत्र भी जमा कराना चाहिए। इस तरह के स्व-घोषणा पत्र को प्रवेश पत्र जारी करने के समय प्रसारित किया जा सकता है।"
- एसओपी के अनुसार यदि कोई परीक्षा अधिकारी अथवा परीक्षार्थी स्व-घोषणा के मानदंडों को पूरा करने में विफल रहता है तो उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- कलम और कागज आधारित परीक्षाओं के लिए एसओपी में कहा गया कि इंविजिलेटर प्रश्नपत्रों अथवा उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण से पहले अपने हाथों को सेनिटाइज करेगा।
- परीक्षार्थी भी इंविजिलेटर प्रश्नपत्रों अथवा उत्तर पुस्तिकाओं को प्राप्त करने या जमा करने से पहले अपने हाथों को सेनेटाइज करेंगे।
- दिशानिर्देश के अनुसार उत्तर पुस्तिकाओं को जमा कराने और पैकिंग के हर चरण में हाथों को सेनेटाइज करना होगा। उत्तर पुस्तिकाओं को जमा करने के 72 घंटे के बाद खोला जाएगा।
- एसओपी के अनुसार, शीट की गिनती और वितरण के लिए थूक अथवा लार के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी। दिशा -निर्देश के अनुसार ऑनलाइन अथवा कंप्यूटर-आधारित परीक्षा के लिए सिस्टम को परीक्षा के पहले और बाद में एल्कोहल वाइप्स से संक्रमण मुक्त किया जाएगा।
- सभी परीक्षा पदाधिकारियों और परीक्षार्थियों के रिकॉर्ड को सिस्टम में दर्ज किया जाएगा ताकि भविष्य में इनका पता लगाया जा सके।
- दिशा निर्देश के अनुसार परीक्षा केंद्रों के प्रवेश में अनिवार्य रूप से हाथों को साफ करने का और थर्मल स्क्रीनिंग का प्रावधान होना चाहिए।












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