चेतावनी: घटते आर नंबर का बढ़ना फिर हुआ शुरू, धीमी हुई कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट
कुछ दिनों पहले भारत के एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल से एक भयानक तस्वीर सामने आई थी, जहां लोग बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के बेखौफ घूम रहे थे।
नई दिल्ली, 11 जुलाई। कुछ दिनों पहले भारत के एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल से एक भयानक तस्वीर सामने आई थी, जहां लोग बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के बेखौफ घूम रहे थे। ये केवल एक पर्यटन स्थल की बात नहीं है, देश के ज्यादातर हिस्सों से यही तस्वीर सामने आ रही है। कोरोना की तीसरी लहर के संकेतों के बावजूद लोग इसके प्रति भारी लापरवाही दिखा रहे हैं।

ऐसे में एक आंकड़ा आपको डरा सकता है। कोरोना की दूसरी लहर के लगभग समाप्त होने के बावजूद प्रजनन संख्या, या आर, जो कि इस बात का सूचक है कि कोविड-19 महामारी कितनी तेजी से फैल रही है, अप्रैल के मध्य के बाद पहली बार बढ़ी है। यह कोरोना के मामलों में संभावित उछाल का एक प्रारंभिक संकेत हो सकता है।
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आर-नंबर, जो पहले से ही संक्रमित व्यक्ति द्वारा संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या को मापता है, जून के अंतिम सप्ताह तक घट रहा था। लेकिन बाद की अवधि में, 20 जून और 7 जुलाई के बीच, यह काफी बढ़ गया है। चेन्नई में गणितीय विज्ञान संस्थान में सीताभरा सिन्हा के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की एक टीम के यह पता लगाया है।
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इस अवधि के दौरान, सिन्हा की टीम ने पूरे देश के लिए आर-वैल्यू 0.88 होने का अनुमान लगाया था, जो 15 मई से 26 जून के बीच की अवधि की आर-वैल्यू .78 से अधिक है। इसका मतलब है कि 100 संक्रमित लोगों का प्रत्येक समूह अब औसतन 78 लोगों के समूह के बजाय 88 लोगों के समूह को संक्रमित कर रहा है। हम यह कह सकते हैं कि अभी आर-वैल्यू 1 से नीचे है लेकिन यदि जनता नहीं संभली तो बहुत जल्द यह बदल भी सकता है। अगर आर-वैल्यू 1 से ऊपर होती है तो इसका सीधा मतलब ये होगा कि पहले से संक्रमित व्यक्ति द्वारा औसतन एक से अधिक व्यक्ति संक्रमित हो रहे है और यदि ऐसा हुआ तो हालात बिगड़ सकते हैं।












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