नोबेल विजेता से अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी बोले- लॉकडाउन में गरीबों के लिए सरकार ने नहीं उठाए पर्याप्त कदम
नई दिल्ली। नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने कहा है कि लॉकडाउन के बाद देश का गरीब बहुत ज्यादा प्रभावित है लेकिन सरकार की ओर से कमजोर तबके को पर्याप्त राहत नहीं दी गई है। भारतीय मूल के अमेरिकी बनर्जी ने कहा हमने अभी ऐसा कुछ नहीं देखा जिससे लगे कि भारत सरकार गरीबों को राहत के लिए बहुत गंभीर है जबकि ये बहुत जरूरी है। बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में अभिजीत बनर्जी ने ये कहा है।
Recommended Video

गरीब के प्रति रहमदिली की जरूरत
अभिजीत बनर्जी ने बीबीसी से कहा है कि भारत में लॉकडाउन से लाखों की संख्या में गरीब बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। उनके सामने दो वक्त की रोटी तक का संकट है। सरकार को गरीबों, मजदूरों के प्रति ज्यादा संवेदना और रहमदिली दिखाने की जरूरत है। 2019 में अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार पाने वाले अभिजीत बनर्जी का कहना है कि सरकार के कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाए जाने का वो समर्थन करते हैं लेकिन गरीब का ध्यान रखा जाना बहुत जरूरी है।

कोरोना संकट जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा: बनर्जी
अभिजीत का कहना है कि लॉकडाउन से परिस्थति का अंत नहीं हो रहा है। फिलहाल इसकी वैक्सीन बनने की उम्मीद नहीं दिख रही और जब तक इसकी वैक्सीन नहीं बन जाती है तब तक ये बीमारी तंग करती रहेगी। हम समझ लें कि ये बीमारी लंबे समय तक हमारे साथ रहने वाली है। बता दें कि देश में लॉकडाउन लगे हुए एक महीने का समय हो गया है। इस दौरान लगातार मजदूरों और गरीब तबके के सामने परेशानी आ रही है। इस दौरान हजारों लोग तो शहरों से पैदल ही गांवों को लौटे हैं। जिनके रोजगार शहरों में खत्म हो गए है।

मजदूरों को लेकर पहले कही थी ये बात
लॉकडाउन लागू होने के बाद जब हजारों मजदूरों ने गावों की ओर पलायन किया था। तब भी अभिजीत ने उनको आर्थिक मदद की बात कही थी। पहले लॉकडाउन के बाद अभिजीत ने कहा था कि गांवों को लौट रहे लोगों के काम बंद हो गए हैं, जिससे प्रवासियों में डर का माहौल है। ऐसे में जरूरी है कि राज्य, केंद्र संकेत दें कि यदि कामकाज बंद हैं तो उनकी देखभाल करना सरकार का काम है। वो फिक्र ना करें।












Click it and Unblock the Notifications