Coronavirus के संकट में फरिश्ता बनी सेना, लेकिन मरीज मांग रहे फाइव स्टार सुविधाएं
नई दिल्ली। सेना की तरफ से उन लोगों के लिए मानेसर में क्वारनटाइन सुविधा शुरू की गई हैं, जिन्हें कोरोना वायरस संकट के बीच इटली और दूसरे देशों से निकालकर लाया गया है। 400 लोगों को यहां पर खास इंतजाम करके रखा गया है। मगर अब इंडियन आर्मी को नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर जो लोग आए हैं उनमें से कई लोग सेना से उबले हुए खाने, अलग-अलग कमरों और बैरक से अलग रहने की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। ये समस्या उस समय पैदा हुई जब इटली से 83 लोगों को निकालकर लाया गया है।

हर दिन खर्च हो रहे 3.5 लाख रुपए
सेना हर दिन मानेसर स्थित फैसिलिटी पर करीब 3.5 लाख रुपए खर्च कर रही है। बुधवार की सुबह एयर इंडिया की फ्लाइट से 83 लोगों को इटली से देश में लाया गया है। इन सभी लोगों की तरफ से पर्सनल कमरों की मांग की जाने लगी। कुछ लोगों ने तो उस बस में दोबारा चढ़ने से ही मना कर दिया जिससे उन्हें लाया गया था। मानेसर में सेना को अब कई असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है और इटली से बचाकर लाए गए लोगों की वजह से खासी अव्यवस्था पैदा हो गई है। यहां पर मौजूद आफिशियल्स ने बड़ी मुश्किल से लोगों का समझाया कि यह बस इमरजेंसी फैसिलिटी है और आपातकालीन जरूरतों के लिए तैयार की गई है। सेना की तरफ से 60 जवानों का फैसिलिटी पर तैनात किया गया है।

60 जवान हर पल तैनात
इन सभी जवानों को इटली से आए लोगों के अलावा जापान के डायमंड प्रिंसेज जहाज से लाए लोगों के लिए रखा गया है। सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद की तरफ से बताया गया है कि 265 लोगों को मानेसर और कुछ लोगों को हिंडन में रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक इसमें वो 58 लोग भी शामिल हैं जिन्हें ईरान से इंडियन एयरफोर्स के सी-17 ग्लोबमास्टर के जरिए भारत लाया गया है। सेना की तरफ से जैसलमेर, गोरखपुर, जोधपुर, झांसी, देवलाली, कोलकाता, चेन्नई और सूरतगढ़ में भी फैसिलिटी तैयार की गई हैं। बताया जा रहा है कि 400 लोगों ईरान से दो फ्लाइट्स की मदद से भारत लाया जाएगा और इन्हें जैसलमेर में रखा जाएगा।

300 लोगों की देखभाल में लगी है सेना
मानेसर में जो क्वारटाइन फैसिलिटी है, वह देश की पहली ऐसी फैसिलिटी है। सूत्रों ने बताया है कि रोजाना इस फैसिलिटी पर 3.5 लाख रुपए का खर्च आ रहा है। सरकार की तरफ से आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए इसे तैयार किया गया है। कुछ लोगों ने यहां पर फाइव स्टार सुविधाओं की मांग की है। उनकी इस मांग की वजह से मेडिकल और प्रशासनिक स्टाफ को काम करने में खासी दिक्कते आ रही हैं। इन दिक्कतों के बाद भी सेना अपना काम पूरा कर रही है। सेना की मानेसर स्थित फैसिलिटी पर करीब 300 लोगों के लिए इंतजाम हैं। यहां पर लोगों को 14 दिनों तक रखा जाएगा। जो सुविधाएं दी गई हैं उसके तहत बैरक में उनके रहने की व्यवस्था की गई है। साथ ही प्रशासनिक और मेडिकल सेंटर भी बनाया गया है।

चाहिए ऑयल फ्री खाना
फैसिलिटी को सेक्टर्स में बांट दिया गया है ताकि वायरस न फैलने पाए। हर सेक्टर में 50 लोगों के लिए व्यवस्था की गई है। जिन लोगों में महामारी के लक्षण नहीं नजर आते उन्हें घर रवाना कर दिया जाता है। जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण दिखते हैं, उन्हें ठीक होने के लिए आइसोलेशन में भेज दिया जाता है। इस इमरजेंसी सुविधा पर भी कुछ लोगों यहां पका हुआ खाना नहीं खाना चाहते हैं। तमाम लोग उबले हुए खाने की मांग कर रहे र्हैं क्योंकि उन्हें अपने खाने में तेल नहीं चाहिए। अब तक 455 भारतीयों को यहां पर लाया गया है। इसमें वुहान से 248, जापान से 124 और इटली से आए 83 लोग शामिल हैं।












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