कर्नाटक में कोरोना का तांडव, एक दिन में 35,024 पॉजिटिव केस, बेंगलुरु में खुले में बनवाए गए 23 श्मशान केंद्र
बेंगलुरु, अप्रैल 30: देश भर में कोरोना की दूसरी लहर भयावह रूप ले चुकी है। भारत के अत्यधिक प्रभावित राज्यों में कर्नाटक में कोरोना मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। कोरोना के अत्यधिक केस बढ़ने के कारण मरीजों को बेड, इलाज और आक्सीजन समय पर नहीं मिल रहा है जिस कारण राज्य में संक्रमितों लोगों की मौत का आंकड़ा हर दिन बढ़ता जा रहा है।

कर्नाटक में 3, 49,496 लोग कोरोना संक्रमित
कर्नाटक में पिछले 24 घंटे के अंदर 35,024 नए कोरोना पॉजिटिव के सामने आए। इसके साथ प्रदेश में कोरोना से संक्रमितों मरीजों की कुल संख्या 14, 74,846 हो गई है। चूंकि इनमें से 11,10, 025 लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो चुके है तो वर्तमान समय में कर्नाटक में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 3, 49,496 है। वहीं अब तक 15, 306 लोगों की संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है। इसमें केवल गुरुवार को 270 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई।
आईसीयू बेड हुए फुल
राज्य में लगातार बढ़ रहे कोरोना केसों के चलते अस्पतालों के आईसीयू फुल हो चुके हैं। राज्य भर के अस्पतालों में 2, 431 मरीज आईसीयू में एडमिट हैं। कर्नाटक में 3.2 लाख सक्रिय मामलों के साथ, राज्य सरकार ने अनुमान लगाया है लगभग 56,000 रोगियों को ऑक्सीजन बेड की आवश्यकता हो सकती है और 10,000 को आईसीयू की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि इन सभी को एक ही समय में इन बिस्तरों की आवश्यकता नहीं होगी। दूसरी लहर में कर्नाटक में हेल्थकेयर सिस्टम पर बोझ कोविड -19 की पहली लहर का तीन गुना है। 30% लोग जो कोविड की वजह से मौत हुई। समीक्षा से पता चलता है कि बेंगलुरु और अन्य जिलों में बिना किसी कॉमरेडिटी के 50 कोविड -19 पॉजिटिव व्यक्ति हर दिन मारे गए हैं।
कर्नाटक में बेड हुए फुल सड़क पर दम तोड़ रहे मरीज
कर्नाटक में अस्पतालों में बेड कम है जिस कारण इलाज न मिलने के कारण मरीजों की सड़क पर मौत हो जा रही है। कर्नाटक के बीदर में बीदर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के बाहर मरीजको बेड नहीं मिला और वहीं फुटपाथ पर मरीजों की मौत हो गई। वहीं अस्पताल में बेड न मिलने के कारण बेंगलुरु में, एक कोरोना पीड़ित की सड़क पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य की कलबुर्गी में कार में मौत हो गई। वहीं सामान मरीजों को भी अस्पताल में एडमिट न करने की वजह से मौत हो रही है। कालाबुरगी में दुर्घटना का शिकार हुए 6 वर्षीय बच्चे को समय पर इलाज न मिलने के कारण मौत हो गई। इस बच्चे को इनोवा कार ने उसे टक्कर मार दी और दूर जा गिरा था।
बेंगलुरु के बाहरी इलाके में बीबीएमपी ने 23 श्मशान केंद्र बनवाए हैं
कर्नाटक के अस्पतालों में हर दिन कई मौतें हो रही हैं ऐसे में उनका दाह संस्कार करवाने के लिए शमशान घाट में लंबी लाइने लग रही थी।इसके चलते राज्य सरकार ने बेंगलुरू के आसपास के 23 स्थानों में 230.5 एकड़ से अधिक जमीन पर खुले श्मशान घाटों की स्थापना करवाई है। ये जानकारी राजस्व विभाग ने बताया कि अस्थायी रूप से खुली हवा में बनवाए गए श्मशान केंद्र स्थापित किए जाने के बाद तुरंत बाद बेंगलुरु नागरिक निकाय को सौंप दिया जाएगा। ये केंद्र चार एकड़ से कम की जगह में बने है जो एक बार में कम से कम छह से आठ दाह संस्कार करने के लिए पर्याप्त है।












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