विवादों की कृष्णा तीरथ अब करेंगी भाजपा की नैया पार
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी की समस्याएं कम होने के बजाए रोज बढ़ती ही जा रही हैं। इस बार पार्टी की वरिष्ठ नेता और यूपीए सरकार में कैबिनेट मंत्री कृष्णा तीरथ ने भाजपा का दामन थाम लिया है, आइये जानते हैं कौन हैं कृष्णा तीरथ।

कृष्णा तीरथ दिल्ली विधानसभा में कांग्रेस की कद्दावर नेताओं की श्रेणी में आती हैं। 1984 में वह पहली बार विधायक चुनी गयी थी। तीरथ शीला सरकार में सोशल वेलफेयर मंत्री रही हैं। बाद मे शीला दीक्षित से मतभेद के चलते उन्हें मंत्री पद से हटाकर दिल्ली विधानसभा का उप सभापति बनाया गया।
लोकसभा के चुनाव में दो बार दे चुकी हैं भाजपा को पटकनी
2004 में उन्होंने भाजपा की अनीता आर्या को हराकर लोकसभा की सदस्य बनीं। वहीं 2009 में वह एक बार फिर से भाजपा की ही मीरा कांवरिया को हराकर सांसद चुनी गयी। बाद में उन्हें मनमोहन सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली।
विवादों से पुराना नात है कृष्णा तीरथ का
तीरथ उस समय पहली बार विवाद में आयी जब 2010 में सरकार की ओर से एक अखबारों में पूरे पेज एक विज्ञापन छपा जिसमें पाकिस्तान के पूर्व एयर चीफ मार्शल तनवीर महमूद अहमद के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी की तस्वीर छपी।
हालांकि इस विज्ञापन के छपने के बाद पहले तो तीरथ ने गलती मानने से इनकार कर दिया लेकिन बाद में उन्होंने इस विज्ञापन के छपने पर मांफी मांगते हुए इसकी जांच के आदेश दिया था।
तीरथ पर अपनी मंत्री पद का दुरउपयोग के भी आरोप लगते रहे हैं। तीरथ पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी यश्वी तीरथ को दूरदर्शन में एंकर के तौर पर शामिल किये जाने की सिफारिश की थी। जिसे सेंट्रल ट्रिब्यूनल ने रद्द कर दिया था।












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